हरियाणा के रोहतक जिले की रेलवे रोड स्थित सुनारों वाली गली में रहने वाली शेफाली ने अपने खेल से सबको प्रभावित किया है। शेफाली के भारतीय टीम में चयन अंडर-19 में लगाए तीन शतक, अंडर-23 में खेलते हुए तीन शतक व सीनियर टीम टी-20 मुकाबले में खेलते हुए 56 गेंदों में 128 रन के स्कोर का अहम योगदान रहा था।
शेफाली के पिता संजीव वर्मा ने बताते हैं कि शेफाली ने आठ वर्ष की आयु में शहर के झज्जर रोड हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से चलाए जा रहे स्थित रामनारायण क्रिकेट क्लब से क्रिकेट खेलने की शुरुआत की। शेफाली ने डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलते हुए वर्ष 2018-19 में अंडर-19 के 50-50 ओवर के मैचों में 70 से कम गेंदों में तीन शतक, अंडर-23 के 50-50 ओवर के मैचों में लगभग 50-50 गेंदों में तीन शतक व सीनियर टी-20 डोमेस्टिक मैचों में नागालैंड के खिलाफ खेलते हुए 56 गेंदों में 128 रन का स्कोर किया।
इसके अतिरिक्त शेफाली ने बंगलूरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी में हुए नेशनल कैंप में भी शानदार प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसका दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच टी-20 मैचों के लिए भारतीय महिला टी-20 टीम चयन हुआ था।
शेफाली ने क्रिकेट की ट्रेनिंग एक लड़के के रूप में लेनी शुरू की थी, क्योंकि उनके शहर में लड़कियों के लिए क्रिकेट एकेडमी नहीं थी। उन्होंने अपने क्रिकेट के लिए जुनूनी पिता संजीव वर्मा के निर्देश पर अपने बाल कटवा लिए थे। क्योंकि हरियाणा के रोहतक जिला के सभी क्रिकेट एकेडमी ने उन्हें दाखिला देने से मना कर दिया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार रोहतक में जूलरी दुकान चलाने वाले शेफाली के पिता संजीव ने बताया था कि कोई मेरी बेटी को लेना नहीं चाहता था, क्योंकि रोहतक में लड़कियों के लिए एक भी एकेडमी नहीं थी। मैंने उनसे बहुत आग्रह किया कि वे मेरी बेटी को अपने यहां ट्रेनिंग देने के लिए शामिल कर ले, लेकिन किसी ने भी मेरी बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि आखिरकार मजबूर होकर मैंने अपनी बेटी के बाल कटवा कर उसे एक एकेडमी ले गया और लड़के की तरह उसका ऐडमिशन कराया।
शेफाली के पिता बताते हैं कि, जब वह लड़कों के साथ खेलती थी पड़ोसी और रिश्तेदारों के ताने सुनने पड़ते थे। वे कहते थे कि तुम्हारी लड़की लड़कों के साथ खेलती है, लड़कियों का क्रिकेट में कोई भविष्य नहीं है, लेकिन आज वही लोग तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।