भज्जी ने इंस्टैंट बॉलीवुड पेज से स्पष्ट शब्दों में कहा, '18 साल पुराना वीडियो बाहर लाना गलत है। यह किसी स्वार्थी मकसद से किया गया है। लोग इसे भूल चुके थे और अब फिर से उनकी यादों को ताजा किया जा रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह उस घटना को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चुके हैं और इस तरह से बार-बार मुद्दा उठाना केवल असुविधा का कारण ही बनेगा।
हरभजन कई बार यह स्वीकार कर चुके हैं कि वह उस घटना को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं। उन्होंने श्रीसंत से थप्पड़ मारने के लिए कई मौकों पर माफी मांगी है और अब दोनों के बीच सब कुछ सामान्य है। लेकिन ललित मोदी द्वारा 18 साल पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करने के बाद यह प्रकरण एक बार फिर क्रिकेट फैंस की यादों में ताजा हो गया। हरभजन ने कहा, 'जो हुआ उसके लिए मुझे बुरा लगता है। हम खेल रहे थे और हर किसी के दिमाग में कई बातें चल रही थीं। गलती हुई और हमें उसका अफसोस है। हां, वीडियो वायरल हो चुका है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और मैंने कई बार कहा है कि मैंने गलती की। इंसान से गलतियां होती हैं और मुझसे भी हुई। मैंने भगवान गणेश से प्रार्थना की है कि अगर मुझसे फिर कभी गलती हो तो वह मुझे माफ करें। गलतियां इंसान से ही होती हैं।'
गौरतलब है कि आईपीएल 2008 में ‘स्लैपगेट’ विवाद के बाद हरभजन को 11 मैचों के लिए निलंबित कर दिया गया था। वहीं श्रीसंत की पत्नी भुवनेश्वरी ने इस लीक पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'यह अमानवीय, बर्बर और शर्मनाक है। यह सिर्फ ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया एक सस्ता कदम है। हमारे परिवार और बच्चों को फिर से दर्दनाक यादों का सामना करना पड़ रहा है।' उस समय के मैच रेफरी फारुख इंजीनियर ने भी नाराजगी जताई और कहा, 'मैंने इस घटना को गंभीर जिम्मेदारी और गुप्तता के साथ संभाला था। मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह वीडियो कभी बाहर आएगा।'
इस बीच वरिष्ठ क्रिकेट विश्लेषक हर्षा भोगले ने भी अपनी राय रखते हुए कहा, 'उस वक्त BCCI और IPL ने वीडियो को छुपाया ताकि टूर्नामेंट और खिलाड़ियों की छवि पर आंच न आए। यही वजह थी कि 17 साल तक यह फुटेज सार्वजनिक नहीं किया गया।' यह विवाद केवल एक पुराने झगड़े की याद नहीं, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या खेल और खिलाड़ियों की छवि को सुरक्षित रखने के नाम पर पारदर्शिता से समझौता किया जा सकता है? जहां हरभजन जैसे दिग्गज अपने किए पर पछतावा जता चुके हैं, वहीं पुराने जख्म कुरेदना खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए नई पीड़ा लेकर आता है।