वीरेंद्र सहवा, राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी
- फोटो : फाइल फोटो (BCCI)
सौम्य स्वभाव के राहुल द्रविड़ जेंटलमेंस गेम कहलाए जाने वाले क्रिकेट के असल एम्बेसडर हैं। 'श्रीमान भरोसेमंद' इस खेल के विरले ही जीव थे, जिन्हें आक्रोश, क्षणिक आवेश से कोसो दूर पाया गया। हाल ही में रीलिज हुई एक एड फिल्म में द्रविड़ को गुस्से से तमतमाया दिखाया गया है, जिसकी चर्चा हर किसी की जुबां पर है। खुद भारतीय कप्तान कोहली भी राहुल के इस रूप को देखकर चकित रह गए।
इस विज्ञापन पर आशीष नेहरा से बातचीत करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने 15 साल पुराने किस्से का जिक्र किया है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक ओपनर सहवाग ने बताया कि उन्होंने एक बार पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को जबरदस्त गुस्से में देखा था, जब पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में वनडे मैच के दौरान एक ढीले शॉट के कारण युवा महेंद्र सिंह धोनी ने अपना विकेट गंवा दिया था।
वीरू ने पूर्व पेसर आशीष नेहरा को बताया कि, 'मैंने देखा है राहुल द्रविड़ किस हद तक नाराज हो सकते हैं। यह उस समय की घटना है जब हम पाकिस्तान में थे और धोनी एक नए खिलाड़ी थे, तब उन्होंने एक शॉट खेला और प्वाइंट पर पकड़े गए। द्रविड़ उनके इस शॉट पर बहुत नाराज थे। उस समय द्रविड़ ने नाराज होते हुए कहा था कि यही तरीका है आपके खेलने का। आपको मैच समाप्त करके आना चाहिए था।'
सहवाग ने कहा, 'जब धोनी अगली बार बल्लेबाजी के लिए आए, तो मैं देख सकता था कि वह ज्यादा शॉट नहीं मार रहे थे। मैंने जाकर उनसे पूछा कि क्या हुआ। उन्होंने कहा कि वह द्रविड़ से फिर डांटना नहीं खाना चाहते।' तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले द्रविड़ ने पहली बार साल 2000 में गांगुली की अनुपस्थिति में कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली थी।
सौरव गांगुली के युग के खत्म होने के बाद उन्हें पूर्णकालिक कप्तान भी बनाया गया। 'जैमी' की अगुवाई में भारत ने 20 टेस्ट, 62 वनडे खेले। इस दौरान वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, इंग्लैंड के खिलाफ जीत मिली। कुल 104 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में से द्रविड़ ने शानदार 50 मैच में टीम को जीत दिलाई। 39 मैच में हार की मुंह देखना पड़ा तो 11 मुकाबले ड्रॉ पर छूटे।