लंबे समय से फॉर्म से जूझ रहे टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग आखिरकार फिर से रंग में लौटते दिख रहे हैं। वर्ल्ड कप के लिए घोषित 30 संभावित खिलाड़ियों में भी जगह बनाने से चूक गए 36 वर्षीय सहवाग दिल्ली के फीरोजशाह कोटला मैदान में न केवल दो साल बाद शतक लगाने में कामयाब रहे बल्कि अपनी इस पारी से गुजरात के खिलाफ रणजी ट्रॉफी ग्रुप ‘बी’ मैच में दिल्ली को भी मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
सहवाग के 105 और ओपनर उन्मुक्त चंद के 105 रन की मदद से दिल्ली ने दूसरे दिन अपनी पारी छह विकेट पर 425 रन बनाकर घोषित कर दी। जवाब में स्टंप तक गुजरात के एक विकेट 34 रन पर गिर गए। इस साल आईपीएल में चेन्नई के खिलाफ खेली गई शतकीय पारी को छोड़ दें तो सहवाग ने आखिरी टेस्ट शतक नवंबर 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ अहमदाबाद में लगाया था।
तब उन्होंने 117 गेंद में 117 रन की धुआंधार पारी खेली थी। वनडे में सहवाग ने आखिरी शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन साल पहले इंदौर में लगाया था। तब उन्होंने 219 रन की पारी खेल वनडे क्रिकेट की एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। जहां तक रणजी की बात है तो वीरू ने नवंबर 2012 में उत्तर प्रदेश के खिलाफ गाजियाबाद में 107 रन की पारी खेली थी।
इस बीच सुबह एक विकेट पर 178 रन से आगे खेलने उतरी दिल्ली की शुरुआत बेहद धीमी रही। पहले दिन 97 रन पर लौटे उन्मुक्त को शतक बनाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी और 105 रन बनाने के लिए उन्हें 227 गेंद का सामना करना पड़ा। सहवाग ने 148 गेंद में 14 चौकों की मदद से 105 रन बनाए।