ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर फिल ह्यूज की दर्दनाक मौत के बाद अब क्रिकेटरों की सुरक्षा पर चौतरफा चर्चा छिड़ चली है। पूर्व भारतीय कप्तान व खब्बू स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने एक कदम आगे बढ़ते हुए क्लब क्रिकेटरों की सुरक्षा की बात उठाई है।
बेदी का कहना है कि दिलों को झकझोर देने वाले इस हादसे के बाद अब तो क्लब क्रिकेटरों का कम से कम न सिर्फ मेडिकल इंश्योरेंस कराया जाए बल्कि इन स्तरों के मैचों के दौरान मेडिकल एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाली क्लब क्रिकेट और यहां तक बीसीसीआई के एज ग्रुप मुकाबलों में एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं रहती है।
वहीं बीसीसीआई उपाध्यक्ष और डीडीसीए अध्यक्ष एसपी बंसल ने आश्वासन दिया है कि एक माह के अंदर क्लब क्रिकेटरों का मेडिकल इंश्योरेंस कराया जाएगा। यह शुरुआत दिल्ली से होगी।
देशभर में बीसीसीआई और क्लब क्रिकेट का जाल बिछा हुआ है, लेकिन इनमें खेलने वाले खिलाड़ियों की सुरक्षा के बारे में कभी नहीं सोचा गया। जबकि यह क्रिकेट ज्यादातर खुले विकेटों पर होती है और सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाली उपकरण भी स्तरीय नहीं होते हैं।
बेदी ने इसी सुरक्षा का हवाला देते हुए ऐसे क्रिकेटरों के लिए आगे आए हैं। बेदी का कहना है कि दिल्ली में चाहें प्रथम श्रेणी की क्रिकेट हो या फिर ए, बी या सी ग्रेड की इन मुकाबलों में मेडिकल एंबुलेंस नदारद रहती है। बोर्ड और डीडीसीए के पास अथाह संपत्ति है। उन्हें अब इन क्रिकेटरों की सुरक्षा केलिए न सिफ मेडिकल इंश्योरेंस कराना चाहिए बल्कि इन मुकाबलों के लिए एंबुलेंस और मेडिकल सुविधा की व्यवस्था करनी चाहिए। मेडिकल इंश्योरेंस होने से किसी भी चोटिल खिलाड़ी का उच्चस्तरीय इलाज कराया जा सकता है। हालांकि पिछले कई वर्षों से इंश्योरेंस कराने की बात कही जा रही है लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
बंसल ने अमर उजाला से कहा कि इस हादसे के बाद क्रिकेटरों की सुरक्षा पर वह कदम उठाने जा रहे हैं। पहले दिल्ली में खेलने वाले सभी रजिस्टर्ड खिलाड़ियों का मेडिकल इंश्योरेंस कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में कम से कम माह का समय लगेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि प्रत्येक मुकाबले केदौरान एंबुलेंस उपलब्ध कराना संभव नहीं है। लेकिन वह प्रत्येक जोन के अंतर्गत आने वाले प्रमुख अस्पतालों से बात करेंगे। उसके बाद उनके साथ अनुबंध किया जाएगा, जिससे कोई भी खिलाड़ी दुर्घटना का शिकार होता है तो उसे तत्काल इस अस्पताल में ले जाया जाए, साथ ही यहीं से एंबुलेंस मंगवाई जाए।