बीसीसीआई ने भले ही कई सालों से वाडा के व्हेयर अबाउट क्लॉज का बायकाट कर रखा हो, लेकिन आईसीसी ने भारत और आस्ट्रेलियाई बीच चल रही हाई प्रोफाइल श्रृंखला पर डोपिंग को लेकर कड़ा शिकंजा कस रखा है। आईसीसी के निर्देश पर बंगलूरू टेस्ट में आठ खिलाड़ियों के रैंडम डोप सैंपल लिए जा चुके हैं और अब आईसीसी की ओर से नियुक्त एक आस्ट्रेलियाई डोप एजेंसी की टीम धर्मशाला टेस्ट में भी डोप सैंपलिंग के लिए पहुंच चुकी है।
डोपिंग को लेकर आईसीसी की इस श्रृंखला पर खास नजर थी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुणे और रांची टेस्ट में खिलाड़ियों के डोप सैंपल नहीं लिए गए, लेकिन बंगलूरू और धर्मशाला टेस्ट में दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों के डोप सैंपल लेने का निर्णय लिया गया। धर्मशाला टेस्ट में चार क्रिकेटरों के सैंपल लिए जाएंगे। इनमें दो भारतीय और दो आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी शामिल हैं।
बंगलूरू टेस्ट में भी चार भारतीय और चार आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के डोप सैंपल लिए गए थे। सैंपल लेने की जिम्मेदारी आईसीसी ने इस बार आस्ट्रेलियाई कंपनी को सौंपी है। खास बात यह है कि आईसीसी इन सैंपलों की टेस्टिंग का जिम्मा उटाह स्थित अमेरिकी लैब को सौंपा है। इससे पहले टी-20 वर्ल्ड कप में आईसीसी की ओर से लिए गए डोप सैंपल की टेस्टिंग दोहा (कतर) की लैब से कराए गए थे।