छह विकेट लेने के बाद जश्न मनाते स्कॉट बोलैंड
- फोटो : सोशल मीडिया
एशेज सीरीज के तीसरे मैच में इंग्लैंड की टीम स्कॉट बोलैंड ने पार नहीं पा सकी। उन्होंने इस मैच की दूसरी पारी में सिर्फ चार ओवर किए और सात रन देकर छह बल्लेबाजों को आउट किया। इस मैच की दूसरी पारी में इंग्लैंड सिर्फ 68 रन पर सिमट गया। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैंचों की एशेज सीरीज का तीसरा मैच जीत लिया और सीरीज में अजेय बढ़त बना ली। यह 34वां मौका था, जब ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज जीती है। इस जीत के बाद बोलैंड ने खास अंदाज में जीत का जश्न मनाया।
बोलैंड इंग्लैंड की टीम को धराशायी करने के तीन घंटे बाद मेलबर्न के मैदान में अपने परिवार के साथ पहुंचे। यहां उनके एक हाथ में बीयर थी और दूसरे हाथ में एशेज सीरीज की ट्रॉफी थी। उनकी यह फोटो शेयर करते हुए ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार क्रिस्टी डोरान ने लिखा "बच्चों अपने सपनों का पीछा करो। मेलबर्न में अपने डेब्यू मैच में छह रन देकर सात विकेट लेने के तीन घंटे बाद स्कॉट बोलैंड अपने बच्चे के साथ। एक हाथ में बीयर और दूसरे में एशेज ट्रॉफी।"
गिलेस्पी के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले स्वदेशी खिलाड़ी
स्कॉट बोलैंड ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है। उनसे पहले जेसन गिलिस्पी स्वदेशी पुरुष खिलाड़ी थे, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट खेला था। अपने आखिरी मैच में वो नाइट वाचमैन के रूप में उतरे थे और दोहरा शतक लगाया था। इसके बाद उन्होंने कोई मैच नहीं खेला। वहीं बोलैंड ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में कमाल किया है।
पहले ही टेस्ट में हासिल किया मुल्लघ मेडल
बॉक्सिंग डे टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद बोलैंड को मुल्लघ मेडल देकर सम्मानित किया गया। यह मेडल स्वदेशी क्रिकेटर जॉन मुल्लघ के नाम पर दिया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग दिल खोलकर बोलैंड की तारीफ कर रहे हैं। यह टेस्ट मैच उनके लिए बहुत ही खास रहा है। अपने घरेलू मैदान में डेब्यू करते हुए उन्होंने परिवार के सामने चार ओवर में छह विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच बने।