फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रीनिवासन को कड़ी हिदायत, बीसीसीआई को भी फटकार

Tue, 01 Oct 2013 11:35 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के पुनर्निवाचित अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन को आईपीएल और स्पॉट फिक्सिंग के मामलों से दूर रहने की हिदायत दी है।
विज्ञापन


देश की इस सर्वोच्च अदालत ने बोर्ड पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि बीसीसीआई में कुछ तो वाकई में गंभीर रूप से गलत है जिसकी वजह से बोर्ड ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है।

सु्प्रीम कोर्ट ने बोर्ड में श्रीनिवासन की वापसी को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया और अगली सुनवाई सात अक्टूबर तक के लिए टाल दिया। श्रीनिवासन 29 सितंबर को चेन्नई में बोर्ड की सलाना आम सभा में अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुने गए थे।
विज्ञापन


जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस जेएस खेहर की पीठ ने कहा कि श्रीनिवासन बोर्ड अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे लेकिन आईपीएल से जुड़े मुद्दे में शामिल नहीं होंगे। ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए जिससे जांच की निष्पक्षता पर कोई प्रभाव पड़े।

पीठ ने एन श्रीनिवासन से कहा कि वह जल्दबाजी न करें और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (कैब) को अरुण जेटली या विनय दत्ता की अध्यक्षता में समिति बनाए जाने के बोर्ड के सुझाव पर राय देने की अनुमति प्रदान कर दी।

जेटली और दत्ता वकील हैं और बोर्ड इनकी अध्यक्षता वाली समिति का इस्तेमाल आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग की जांच के लिए करना चाहती है। काबिलेगौर है कि फिक्सिंग मामले में श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन भी शामिल हैं।

आईपीएल से दूर रहें
सर्वोच्च अदालत ने बोर्ड के वकील से भी जल्दबाजी न करने के लिए कहा। कोर्ट ने कहा कि बोर्ड कैब को अपना प्रस्ताव दें और उन्हें आपके सुझाव पर विचार करने दें।

पीठ ने कहा कि एक चीज तो तथ्यों में स्पष्ट है कि आईपीएल में तमाम चीजें आ रही हैं। कुछ तो बीसीसीआई में गंभीर रूप से गलत है।

अदालत ने बीसीसीआई के अधिवक्ता से पूछा कि कृपया हमें बताइए, आखिर क्यों बोर्ड ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है। पीठ ने कहा कि आप (श्रीनिवासन) अब अध्यक्ष हैं और हमें सिर्फ एक चीज देखनी है कि आपको आईपीएल के मुद्दे से कैसे दूर रखा जाए।
विज्ञापन


वहीं पीठ के समक्ष बोर्ड की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सीए सुंदरम ने कहा कि क्रिकेट निकाय के संविधान के मुताबिक कुछ कार्रवाइयों को अंजाम दिए जाने के लिए अध्यक्ष की जरूरत है। हम अपनी तरफ से अदालत को आश्वस्त कर रहे हैं कि आईपीएल के मुद्दों से वह दूर रहेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें