भारतीय टीम के बल्लेबाज सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टीम में जगह नहीं बना पा रहे हैं। सरफराज को वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में नहीं चुना गया था और अब उन्हें दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ दो अनौपचारिक टेस्ट के लिए भारत ए टीम में जगह नहीं मिली है। सरफराज की अनदेखी से सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा देखने मिला और प्रशंसकों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को आड़े हाथों लिया था।
सरफराज ने पिछली बार भारत ए के लिए कैंटरबरी में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ 92 रन की पारी खेली थी और पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ सीरीज के दौरान वह बंगलूरू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। मंगलवार को जब राष्ट्रीय चयन समिति ने दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ दो प्रथम श्रेणी मैच के लिए भारतीय टीम का चयन किया तो बुधवार को अपना 28वां जन्मदिन मनाने वाले सरफराज का नाम ऋषभ पंत की अगुआई वाली दो अलग-अलग टीम में नहीं था।
सरफराज को मौका नहीं मिलने से हैरत में पड़े फैंस
सरफराज ने घरेलू क्रिकेट में दम दिखाया और पिछले कुछ दिनों में अपना वजन भी कम कर लिया है। इसके बावजूद उन्हें मौका नहीं मिलने से फैंस हैरत में हैं। हालांकि, इसका दूसरा पहलू भी है और अगर अजीत अगरकर और भारतीय टीम प्रबंधन के नजरिए से इस फैसले को देखा जाए तो यह उतना विवादास्पद नहीं लगेगा जितना सोशल मीडिया इसे बना रहा है। ऐसे में सवाल यह उठते हैं कि क्या सरफराज टीम संयोजन की योजना में फिट नहीं बैठ रहे?
किस स्थान पर खेल सकते हैं सरफराज?
समझा जाता है कि प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी कर रहे पंत दोनों मैच में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे जो आमतौर पर भारतीय टीम में उनका स्थायी स्थान भी है। चयनकर्ताओं के बीच एक विचारधारा यह है कि सरफराज को केवल उसी स्थान पर आजमाया जाना चाहिए जहां भारतीय टीम प्रबंधन अब भी पूरी तरह से आश्वस्त नहीं है और फिलहाल बी साई सुदर्शन तीसरे नंबर पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सुदर्शन दोनों मैच के लिए भारत ए टीम का हिस्सा हैं। वह टीम के उपकप्तान भी हैं और इन मैचों में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे।
एक पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता ने कहा, सरफराज को मुंबई टीम प्रबंधन और उनके सबसे सीनियर खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे से बात करनी चाहिए और हो सके तो तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने की कोशिश करनी चाहिए जहां उन्हें नई गेंद खेलनी पड़ सकती है। अगर वह पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते रहेंगे तो इससे कोई फायदा नहीं होगा। भारत के पास इन स्थानों के लिए और भी ऑलराउंड विकल्प हैं। पंत, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा और नीतीश रेड्डी, अगर सभी फिट और उपलब्ध रहे तो वे ऑलराउंडर होने के कारण मध्यक्रम में जगह बना लेंगे। जब पंत चोटिल होंगे तो ध्रुव जुरेल पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे।
असफलताएं बनी टीम से बाहर रहने का कारण
सच कहें तो न्यूजीलैंड के खिलाफ स्पिनर की अनुकूल पिच पर सरफराज की लगातार चार असफलताएं उनके बाहर होने का कारण बनीं। टेस्ट टीम में बल्लेबाजी क्रम में नंबर एक, दो और चार अब तय हो चुके हैं और नंबर पांच से आठ ऑलराउंडरसे संबंधित हैं, ऐसे में एकमात्र स्थान नंबर तीन बचा है और शायद मुंबई के इस साहसी बल्लेबाज को आत्मविश्वास से लबरेज होकर एक नया स्थान आजमाने की जरूरत है। बहुत से मामलों में यह हमेशा घरेलू क्रिकेट में बनाए गए बड़े स्कोर के बारे में नहीं होता है, बल्कि चयन समिति की इस बात पर भी निर्भर करता है कि उनके अनुसार कौन बड़े स्तर पर सफलता पाने के लिए अधिक उपयुक्त है।