पूर्व भारतीय टेस्ट क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कहा कि जब शिखर धवन और विराट कोहली आउट होकर आए, तो चिंता होने लगी कि कहीं बांग्लादेश की किस्मत में कुछ और तो नहीं लिखा। मगर रोहित शर्मा ने अपनी परिपक्व पारी खेल कर चीजों को संभाल लिया।
उन्होंने बड़े शॉट खेलने की अपनी आदत को दबाया और दौड़कर रन बनाए। और जब उन्हें यह भरोसा हो गया कि टीम पटरी पर लौट आई है, तो उन्होंने बड़े शॉट खेलने शुरू किए और हमें कुछ बेहद शानदार शॉट देखने को मिले।
जिस खिलाड़ी ने वनडे में दो डबल सेंचुरी लगाई है, वह एक औसत टीम के खिलाफ 42वें ओवर में जब अपना शतक पूरा करता है, तो इसी से अंदाजा लगता है कि उन्होंने अपने गेम में कितना ज्यादा बदलाव किया।
इस पारी के बाद अगर रोहित अपनी मानसिकता में बदलाव करते हैं, तो बेहद अच्छा होगा, लेकिन मैं इस बारे में विश्वास के साथ नहीं कह सकता।
इस टूर्नामेंट में भारतीय गेंदबाजों ने अपने प्रदर्शन से बेहद प्रभावित किया है क्योंकि उन्हें अच्छी शुरुआत मिली। पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मुकाबलों में बल्लेबाजों ने उन्हें 300 से ज्यादा का स्कोर दिया था। बांग्लादेश के लिए मेलबर्न में इस लक्ष्य का पीछा करना बिल्कुल भी आसान नहीं था।