भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जा रहा है। ओवल में खेले जा रहे मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट गंवाकर 327 रन बना लिए हैं। फिलहाल ट्रेविस हेड 156 गेंदों में 146 रन और स्टीव स्मिथ 227 गेंदों में 95 रन बनाकर नाबाद हैं। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था।
जब विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए भारतीय टीम की घोषणा की गई, तो अजिंक्य रहाणे की वापसी ने क्रिकेट प्रशंसकों को खुश कर दिया था। इस दिग्गज खिलाड़ी ने लगभग 18 महीनों के बाद भारतीय टीम में वापसी की। 34 वर्षीय रहाणे ने पूरे घरेलू सत्र के दौरान मुंबई का नेतृत्व किया और लगभग 700 रन बनाए, लेकिन सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने आईपीएल में अपने आक्रामक खेल में कैसे सुधार किया। भारत के पूर्व खिलाड़ी का संजय मांजरेकर ने रहाणे की वापसी पर विश्लेषण किया।
संजय मांजरेकर ने कहा, "पिछली बार भारत के लिए खेलते हुए रहाणे काफी दबाव में थे। एक खिलाड़ी के लिए वह कठिन समय होता है जब आपको लगता हो कि यह आपके टेस्ट करियर की आखिरी पारी हो सकती है। मुझे नहीं लगता कि अब वह उस समय को दोबारा देखेंगे, जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट के बाद की जिंदगी देख ली है, एक संन्यासी क्रिकेटर की तरह।"
मांजरेकर ने आगे कहा "अब उनके पास मौका है, मुझे लगता है वह मानसिक रुप से निश्चिंत होंगे। लोगों को लगता होगा की आईपीएल ने उनकी वापसी करवाई है, लेकिन उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसका उन्हें फायदा मिलेगा। मैं उनकी जगह रह चुका हूं, मुझे भी भारतीय टीम से बाहर किया गया था। मैंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी कई रन बनाए लेकिन, जब आप टेस्ट क्रिकेट मे वापसी करते हैं तब आपको एहसास होता है कि यह एक अलग ही खेल है। रहाणे निश्चिंत जरुर होंगे लेकिन उन्हें प्रदर्शन भी करना होगा। टेस्ट क्रिकेट एक अलग ही खेल है और वह एक बेहतरीन टीम के खिलाफ खेल रहे हैं। मुझे कोई अंदाजा नहीं है कि वह कैसी बल्लेबाजी करेंगे। ऐसा प्रतीत होता होता है कि वह अपनी फॉर्म में वापसी कर चुके हैं लेकिन, यहां परिस्थितियां बिल्कुल ही अलग हैं।"