बांगड़ को खुशी है कि चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने सीरीज की काफी अच्छी शुरुआत की जबकि इससे पहले उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में काफी मुश्किल हालात में बल्लेबाजी की। कोच ने कहा, 'लोगों को समझना होगा कि उन मैचों में गलती की गुंजाइश काफी कम थी। केपटाउन से लेकर ओवल तक हार का अंतर काफी कम था।'
उन्होंने कहा, 'हमने स्वयं को मजबूत स्थिति में रखा। दुर्भाग्य से हम मैच को अंजाम तक नहीं पहुंचा पाए लेकिन एक टीम के रूप में हमें लगता है कि हम काफी प्रतिस्पर्धी थे। अब हमें जीत की रेखा पार करनी होगी।' बांगड़ ने कहा कि पिछले दौरों पर हालात काफी कड़े थे और कभी कभी आलोचना अनुचित थी।
उन्होंने कहा, 'हमें मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा और हम मुश्किल समय से गुजरे लेकिन यहां उन्होंने अच्छी शुरुआत की। जब हम यहां एडीलेड पहुंचे तो धारणा यह थी कि यह बल्लेबाजी के अनुकूल पिच होगी।' बांगड़ ने रहाणे और पहली पारी में शतक जड़ने वाले पुजारा की जमकर तारीफ की। बांगड़ ने कहा कि रहाणे पिछले दौरों पर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और वह एक बार फिर बड़ा शतक जड़ने के करीब हैं।
उन्होंने कहा, 'हम आम तौर पर यह बल्लेबाज पर छोड़ देते हैं कि वह रात्रि प्रहरी चाहता है या नहीं। वह मैदान पर उतरने के लिए बेताब था (दूसरी पारी में तीसरे दिन के अंत में) और क्रीज पर जाना चाहता था। जहां तक उसकी फार्म का सवाल है उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ और इंग्लैंड में तीसरे, चौथे और पांचवें टेस्ट में रन बनाए। बस शतक उससे दूर रहा।'
कोच ने दूसरी पारी में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शीर्ष क्रम की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, 'दूसरी पारी में हमारी शुरुआत बेहतर रही। इससे हमें आधार मिला। हमें सलामी जोड़ीदारों से यही उम्मीद थी।' इंग्लैंड दौरे के बीच में टीम से बाहर किए जाने के बाद वापसी कर रहे सलामी बल्लेबाजी मुरली विजय के संदर्भ में उन्होंने कहा, 'वह टीम योजना का हिस्सा है। हम उसके अनुभव और अनुशासन का उपयोग करना चाहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'नई गेंद के खिलाफ खेलते हुए और आस्ट्रेलिया के आक्रमण के स्तर को देखते हुए हमें शीर्ष क्रम से लगातार अच्छी शुरुआत की जरूरत है। इसलिए सलामी बल्लेबाजों और तीसरे नंबर के बल्लेबाज को बड़ी भूमिका निभानी होगी।'