आईसीसी की जानकारी के अनुसार एसीयू अधिकारी एलेक्स मार्शल का मानना था कि जयसूर्या का यह फोन एक जनवरी 2017 से 22 सितंबर 2017 तक की अवधि के दौरान जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है। मार्शल ने जांच टीम को जयसूर्या से दो फोनों की मांग करने को कहा गया था।
एसीयू ने 2017 में तीन अलग-अलग तारीखों 22, 23 सितंबर और पांच अक्तूबर को जयसूर्या से पूछताछ की थी। 22 सितंबर को जयसूर्या ने बताया था कि इस अवधि के दौरान उन्होंने दो फोनों का इस्तेमाल किया था लेकिन बाद की जांच में उन्होंने कहा कि उनके पास दो और फोन थे जो खो गए लेकिन दोनों ही फोन इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे थे।
बाद में पांच अक्तूबर को जब जयसूर्या अपने वकील के साथ पेश हुए तो उन्होंने कहा कि वे फोन उन्होंने नष्ट कर दिया है क्योंकि एक निजी वीडियो वायरल हो गया था जिससे वह दबाव में थे।