पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट्ट ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रमीज राजा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में विकेट में डालने के लिए मिट्टी तक नहीं है। आप बाहर से कोच ला रहे हैं। आप बाहर से पिच ला रहे हैं। पीसीबी अध्यक्ष भी बाहर से क्यों नहीं लाते। पाकिस्तान में जूनियर क्रिकेट लीग की शुरुआत हो रही है और इसके लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पिछले हफ्ते दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर और न्यूजीलैंड के कॉलिन मुनरो को मेंटर के रूप में नियुक्त करने की पुष्टि की थी।
वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान डेरेन सैमी और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी और शोएब मलिक को पहले ही लीग में मेंटर नियुक्त किया जा चुका है। वहीं, सलमान बट्ट को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इसी वजह से उन्होंने पीसीबी पर कटाक्ष किया है।
रमीज राजा पर सलमान का हमला
अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सलमान बट्ट ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास अपना कोई मेंटर नहीं है, जैसे कि देश के पास विकेट तैयार करने के लिए "कोई मिट्टी नहीं" है। यह टिप्पणी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के लिए पाकिस्तान द्वारा ड्रॉप-इन पिचों का उपयोग करने के संदर्भ में थी।
उन्होंने आगे कहा "ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है जो पाकिस्तान में युवाओं को मेंटर कर सके। वहां कोई नहीं है। हमारे पास पाकिस्तान में विकेट लेने के लिए मिट्टी भी नहीं है और आप मेंटर्स की बात कर रहे हैं। आपको अलग-अलग देश से ड्रॉप-इन पिचें, अलग-अलग देश की मिट्टी, अलग-अलग देशों के कोच और मेंटर्स लाने पड़ते हैं। किसी और देश से चेयरमैन भी लाओ, नहीं? इस बारे में बात करने के लिए कुछ भी नहीं है।"
इससे पहले इमरान ताहिर ने पीजेएल में मेंटर नियुक्त किए जाने पर खुशी जाहिर की थी। ताहिर का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व किया।
ताहिर ने कहा “एक टीम मेंटर की भूमिका में पाकिस्तान जूनियर लीग के लिए लाहौर लौटना मेरी सबसे संतोषजनक उपलब्धियों में से एक है, क्योंकि मैं अभी भी मेरा इस देश के साथ काफी लगाव है। ताहिर ने कहा, उभरते स्पिन गेंदबाजों के साथ काम करने और उन्हें विकसित होने और फलने-फूलने में मदद करने का यह एक रोमांचक अवसर है ताकि उन्हें इस देश के महान स्पिनरों की तरह बनने का मौका मिले।
"मैं पूरी तरह से पाकिस्तान जूनियर लीग के समर्थन में हूं क्योंकि यह उच्च खिलाड़ियों के लिए एक कठिन और चुनौतीपूर्ण वातावरण बनाता है। केवल वे ही खिलाड़ी आगे बढ़ेंगे, जो इस पैमाने को पार करेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की बढ़ती संख्या के साथ यह पाकिस्तान को अपने खिलाड़ियों के पूल को बढ़ाने में मदद करेगा, जो देश के लिए खेल पाएंगे।"