आईपीएल 2023 के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स ने गुजरात को पांच विकेट से हराकर पांचवीं बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। 10वीं बार फाइनल में पहुंचने वाली चेन्नई के लिए सभी बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और अंत में जडेजा ने चौका लगाकर टीम को चैंपियन बनाया, लेकिन 35 ओवर के इस मुकाबले में सात खिलाड़ियों का प्रदर्शन अन्य खिलाड़ियों से कहीं बेहतर रहा। यहां हम इस मैच में कमाल करने वाले सात खिलाड़ियों के बारे में बता रहे हैं।
रवींद्र जडेजा
जडेजा ने इस मैच में पहली गेंद के साथ कमाल किया। पावरप्ले में गुजरात की टीम ने 62 रन बना लिए थे और विशाल स्कोर की तरफ बढ़ रही थी। ऐसे में जडेजा ने इस सीजन के सबसे सफल बल्लेबाज शुभमन गिल का विकेट लिया। यहां से गुजरात की रन गति थोड़ी कम हुई। इसके बाद उन्हें जब बल्लेबाजी का मौका मिला तो चेन्नई को जीत के लिए 13 गेंद में 22 रन चाहिए थे। उन्होंने अपनी शुरुआती चार गेंद में सिर्फ पांच रन बनाए, लेकिन मैच की आखिरी दो गेंद में जब चेन्नई को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे, तब उन्होंने छक्का और चौका लगाकर अपनी टीम को चैंपियन बनाया।
डेवोन कॉन्वे
इस मैच में डेवोन कॉन्वे ने जब पहली गेंद खेली तो चेन्नई को जीत के लिए 84 गेंद में 161 रन की जरूरत थी। ऐसे में कॉन्वे ने अपनी दूसरी ही गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर छक्का लगाकर इरादे साफ कर दिए और आगे भी इसी लय में खेले। उन्होंने 25 गेंद में चार चौके और दो छक्के की मदद से 47 रन की पारी खेली। सातवें ओवर में आउट होने से पहले वह टीम का स्कोर 78 रन तक पहुंचा चुके थे और यहां से बाकी बल्लेबाजों की राह आसान हो गई।
अंबाती रायुडू
अपना आखिरी आईपीएल मैच खेल रहे 37 साल के रायुडू जब बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आए तो चेन्नई का स्कोर 117/3 था। जीत के लिए टीम को 31 गेंद में 54 रन की जरूरत थी। आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे रहाणे आउट हो चुके थे और दूसरे छोर पर खड़े दुबे लय में नहीं थे। दुबे इस समय 11 गेंद में 12 रन बनाकर खेल रहे थे। पहली गेंद में एक रन लेने वाले रायुडू ने अगली छह गेंद में दो छक्के और एक चौके की मदद से 18 रन बना दिए। उन्होंने आठ गेंद में 19 रन बनाए। जब वह आउट हुए तो चेन्नई का स्कोर 149 रन हो चुका था और जीत के लिए 14 गेंद में 22 रन की जरूरत थी।
अजिंक्य रहाणे
टेस्ट स्पेशलिस्ट का तमगा हासिल कर चुके अजिंक्य रहाणे ने इस आईपीएल में दिखाया कि वह टी20 में कितने शानदार बल्लेबाज हैं। वह इस सीजन सबसे बेहतर स्ट्राइक रेट वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे। फाइनल मैच में उन्होंने चौथे नंबर पर कमाल की पारी खेली। वह जब बल्लेबाजी के लिए आए थे तो चेन्नई का स्कोर 78/2 था। ऋतुराज और कॉन्वे 74 रन की साझेदारी करने के बाद एक ही ओवर में आउट हो गए थे। दूसरे छोर पर खड़े शिवम दुबे ने सिर्फ एक गेंद खेली थी। ऐसे में रहाणे ने अपनी दूसरी ही गेंद में छक्का लगाकर साफ कर दिया कि वह फाइनल में भी धमाल करने वाले हैं। उन्होंने 13 गेंद में दो चौके और दो छक्कों की मदद से 27 रन बनाए। जब वह आउट हुए तो चेन्नई का स्कोर 117 रन हो चुका था।
साई सुदर्शन
आईपीएल 2022 में सिर्फ 20 लाख में बिकने वाले सुदर्शन को पूरे सीजन में बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला था। इस मैच में भी वह इंपैक्ट प्लेयर की जगह खेल रहे थे। क्योंकि दूसरी पारी में उनकी जगह टीम में आने वाले जोश लिटिल गुजरात की टीम के नियमित सदस्य थे। गिल के आउट होने के बाद सुदर्शन बल्लेबाजी के लिए आए और पहले पारी को संभाला। उन्होंने ऋद्धिमान साहा के साथ दूसरे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी की। शुरुआती 12 गेंद में सिर्फ 10 रन बनाने वाले सुदर्शन ने सेट होने के बाद गियर बदला। उन्होंने 33 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और अगली 13 गेंद में 44 रन जड़ दिए। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और छह छक्के लगाए। उनकी शानदार पारी के चलते ही गुजरात की टीम 214 रन बनाने में सफल रही।
नूर अहमद
फाइनल मैच में जब नूर गेंदबाजी के लिए आए तब तक चेन्नई की टीम चार ओवर में 52 रन बना चुकी थी। उन्होंने अपने पहले ओवर में सिर्फ छह रन दिए और बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। उनका दूसरा ओवर शुरू होने से पहले चेन्नई का स्कोर 72/0 था और ओवर खत्म होने तक यह स्कोर 78/2 हो चुका था। नूर ने चेन्नई के दोनों सेट बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ और डेवोन कॉन्वे को आउट कर मैच में गुजरात की पकड़ मजबूत कर दी थी। अपने आखिरी ओवर में भी उन्होंने सिर्फ पांच रन दिए। इस मैच में चेन्नई ने 15 ओवर में 171 रन बनाए, लेकिन नूर के तीन ओवर में सिर्फ 17 रन बने और दो सेट बल्लेबाज आउट भी हुए। इस मैच में गुजरात के पांच गेंदबाजों ने 72 गेंद में 154 रन लुटाए और तीन विकेट लिए। वहीं, नूर ने 18 गेंद में सिर्फ 17 रन दिए और दो विकेट झटके।
मोहित शर्मा
पिछले सीजन गुजरात के नेट गेंदबाज रहे मोहित शर्मा ने इस सीजन कमाल का प्रदर्शन किया और फाइनल में भी उन्होंने अपनी टीम को चैंपियन बनाने की पूरी कोशिश की। फाइनल मैच में जब कप्तान हार्दिक ने मोहित को गेंद सौंपी तब चेन्नई का स्कोर 112/2 था। रहाणे तूफानी बल्लेबाजी कर रहे थे। ऐसे में मोहित ने ओवर की पांचवीं गेंद पर ही रहाणे को आउट कर दिया और सिर्फ छह रन दिए। अपने दूसरे ओवर की शुरुआती तीन गेंदों में 16 रन देने के बाद अगली दो गेंदों में उन्होंने रायुडू और धोनी को पवेलियन भेज दिया। अब शिवम दुबे एक छोर पर खड़े थे, जिनके बल्ले पर गेंद ठीक से आ नहीं रही थी। आखिरी ओवर में 13 रन का बचाव करते हुए मोहित ने चार गेंद में सिर्फ तीन रन दिए थे और गुजरात को जीत की दहलीज पर ले गए थे, लेकिन जडेजा ने आखिरी दो गेंदों में 10 रन बनाकर गुजरात से मैच छीन लिया और मोहित की मेहनत पर पानी फिर गया।