रोहित शर्मा के साथ सातवें विकेट के लिए 103 रनों की साझेदारी कर टीम इंडिया को 339 रनों की लीड दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले रिद्धिमान साहा ने भारत की रणनीति का खुलासा किया है। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने पर 39 रन पर नाबाद रहने वाले साहा ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी नीति आक्राम क्रिकेट खेलने और छोटी-छोटी साझेदारियां करने की थी। साहा ने पहली पारी में भी 54 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर भारत को 312 रनों तक पहुंचाया था। इसबार उन्होंने लीड को 300 से ज्यादा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। जिस गति से भारतीय बल्लेबाज पवेलियन वापस लौट रहे थे उस समय विकेट पर रुकना बेहद जरूरी था। साहा एक तरफ विकेट थामे रहे और टीम का स्कोर आगे बढ़ता रहा।
हमने बाउंड्री लगाकर रन बटोरने का फैसला किया
रिदिमान साहा
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साहा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारी रणनीति छोटी साझेदारी करने की थी। पहले हमने सोचा की 270 से 280 का स्कोर अच्छा रहेगा लेकिन इसके बाद हम 300 के बारे में सोचने लगे। कोलकाता साहा का गृह नगर है और अपने होम ग्राउंड में वह बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। पहली पारी में 54 और दूसरी में 39 पर नाबाद रहकर वह निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ साझेदारी करके टीम को बड़े स्कोर की तरफ ले जाते हैं। पहली पारी में साहा ने पहले आठवें विकेट के लिए रविंद्र जडेजा के साथ 41 रन जोड़े इसके बाद मोहम्मद समी के साथ दसवें विकेट के लिए 35 रनों की अहम साझेदारी की। साहा से पहले टेलेंडर्स के साथ साझेदारी वीवीएस लक्ष्मण निभाते थे।
लेकिन जब पत्रकारों ने साहा से ये पूछा कि क्या जब पूछा गया कि क्या यह एक रणनीति है तो उन्होंने कहा, हमेशा रणनीति होती है कि बल्लेबाज रन बनाएंगे। इसके बाद निचले क्रम के बल्लेबाज योगदान देते हैं तो यह अतिरिक्त मदद होती है। हम निचले क्रम के रन बनाने के सिलसिले को बढ़ाना चाहते हैं। साहा ने आगे कहा, पिच तेज गेंदबाजों को मदद कर रही थी। हमने बाउंड्री लगाकर रन बटोरने का फैसला किया, हमारा यह फैसला सही साबित हुआ। यदि हम एक-एक करके रन लेते तो स्कोर 280 के पार नहीं पहुंच पाता।