क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। ऐसे में कोई पाक क्रिकेटर अगर 'क्रिकेट के भगवान' पर तंज कसे, तो यह क्रिकेट प्रशंसकों को पसंद नहीं आएगा।
हाल ही में विज्डन इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी टीम के ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने मजाक में कहा था कि उन्होंने तेंदुलकर पर वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का दबाव बनाया था। अजमल ने पिछले साल एशिया कप में तेंदुलकर का विकेट लिया था।
2012 में बांग्लादेश में खेले गए एशिया कप के एक मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 13 गेंद शेष रहते छह विकेट से हराया था। इस हाई-वोल्टेज मैच में तेंदुलकर 52 गेंदों में 48 रन बनाने के बाद अजमल की गेंद पर आउट हो गए थे।
मजेदार बात यह है कि तेंदुलकर का यह आखिरी वनडे मैच साबित हुआ। इस मैच के बाद पिछले साल के अंत में उन्होंने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।
अजमल ने मजाकिया लहजे में कहा कि उनके हाथों आउट होने के बाद ही तेंदुलकर ने आगे नहीं खेलना का फैसला लिया था। मास्टर ब्लास्टर ने वनडे क्रिकेट में रिकॉर्ड 463 वनडे मैच खेले हैं।
उन्होंने आगे भी यही अंदाज रखते हुए कहा, "मैंने मोहाली (विश्व कप 2011 सेमीफाइनल) में भी 85 रन बनाकर खेल रहे तेंदुलकर का बड़ा विकेट लिया था। वह एक सुपर सुपरस्टार हैं। उन्होंने पेशेवर क्रिकेट में 50 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। निश्चित तौर पर यह मेरे लिए महान क्षण था।"
अजमल ने कहा, "अपने अंतिम वनडे मैच में वह 'दूसरा' खेलने में असहज महसूस कर रहे थे। कप्तान मिस्बाह ने मुझसे कहा कि हम उन्हें स्लिप में कैच आउट करा सकते हैं। इसके बाद यूनिस खान को स्लिप में लगाया गया और हमने उनका बड़ा विकेट हासिल कर लिया।"
ऐसा नहीं है कि अजमल ने तेंदुलकर पर पहली बार कोई बयान दिया है। पिछले साल मार्च में एशिया कप के बाद उन्होंने कहा था कि अगर तेंदुलकर 'दूसरा' नहीं पढ़ सकते तो उनका करियर समाप्ति की ओर है।