सचिन तेंदुलकर और अर्जुन तेंदुलकर
- फोटो : सोशल मीडिया
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने बेटे अर्जुन तेंदुलकर के करियर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया है कि वो अपने बेटे के मैच देखने के लिए स्टेडियम में क्यों नहीं जाते हैं। सचिन चाहते हैं कि अर्जुन के पास क्रिकेट के प्रति प्यार में पड़ने की आजादी हो। इसी वजह से वो उनके मैच नहीं देखते हैं। अर्जुन फिलहाल मुंबई की रणजी टीम का हिस्सा हैं। आईपीएल मेगा ऑक्शन में मुंबई इंडियंस ने उन्हें 30 लाख की कीमत पर खरीदा है।
अमेरिकी पत्रकार ग्राहम बेनसिंगर के यूट्यूब चैनल पर सचिन ने अर्जुन के ऊपर बात करते हुए कहा "माता और पिता जब भी अपने बच्चों का मैच देखने जाते हैं तो वह दबाव महसूस करते हैं। इसी वजह से मैं अर्जुन के मैच देखने नहीं जाता हूं। क्योंकि, मैं चाहता हूं कि उनके पास क्रिकेट के प्रति प्यार में पड़ने की आजादी हो। उनका ध्यान इस बात पर रहे कि उन्हें क्या करना है। मैं जाकर उन्हें खेलते हुए नहीं देखता हूं। उन्हें अपने खेल पर ध्यान बनाए रखने की जरूरत है। मुझे नहीं पसंद था कि कोई मुझे देखे।"
सचिन ने आगे बताया कि अगर वो मैच देखने जाते भी हैं तो छिपकर बैठे रहते हैं। अर्जुन के अलावा उनके कोच और स्टेडियम के बाकी लोगों को भी यह नहीं पता होता है कि सचिन यह मैच देखने पहुंचे थे।
अर्जुन पर क्रिकेट खेलने का दबाव नहीं बनाया
सचिन ने आगे बात करते हुए कहा "हम दोनों में से किसी ने अर्जुन पर क्रिकेट खेलने का दबाव नहीं बनाया। वह पहले फुटबाल में था और फिर चेस खेलना पसंद करता था। क्रिकेट बाद में उनके जीवन में आया।" अर्जुन अब क्रिकेट में अपना करियर बना चुके हैं। घरेलू क्रिकेट के अलावा वह आईपीएल भी खेल रहे हैं। पहले वह मुंबई की टीम के साथ 20 लाख की कीमत पर जुड़े थे और अब उन्हें 30 लाख की कीमत पर खरीदा गया है। नीलामी में मुंबई के अलावा गुजरात ने उन्हें खरीदने पर दिलचस्पी दिखाई थी।
विराट से तुलना पर दिया जवाब
इस दौरान सचिन से यह भी पूछा गया कि विराट और उनमें कौन बेहतर खिलाड़ी है। इसके जवाब में सचिन ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों को साथ में आप अपनी टीम में क्यों नहीं रख सकते। विराट सचिन के बाद दूसरे सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विराट अब तक 70 शतक लगा चुके हैं।
जब लौटा दिया था विराट का दिया तोहफा
बेनसिंगर से बातचीत में सचिन अपने संन्यास का दिन याद करते हुए कहा "मैं कोने में अकेले बैठा हुआ रो रहा था। टॉवेल मेरे हाथ में था, मैं काफी भावुक था। उस समय विराट मेरे पास आया और एक पवित्र धागा मुझे दिया, जो उसके पिता ने उसे दिया था। मैंने कुछ समय तक वह धागा अपने पास रखा फिर वापस लौटा दिया। मैंने कहा यह बेशकीमती है और इसे सिर्फ तुम्हारे पास रहना चाहिए। यह तुम्हारी संपत्ति है और तुम्हें इसे आखिरी सांस तक अपने पास रखना चाहिए और मैंने उसे वह वापस लौटा दिया।"