हालांकि, सितंबर 2018 तक स्पार्टन कंपनी कुछ भी बकाया भुगतान करने में विफल रही। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि उन्होंने भुगतान के लिए कंपनी से औपचारिक अनुरोध किया। जब वहां से कोई जबाव नहीं आया, तो उन्होंने एग्रीमेंट को खत्म कर दिया और कंपनी से अपने नाम का इस्तेमाल बंद करने के लिए कहा।
हालांकि, एजेंसी ने इस मामले में स्पार्टन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) से सवाल पूछे हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने जवाब नहीं दिए हैं।