फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सचिन के लिए भव्य विदाई का मंच तैयार

Fri, 15 Nov 2013 12:07 PM IST
हर्ष भोगले
विज्ञापन
विज्ञापन
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला करते वक्त कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के चेहरे पर शरारत थी। वह जानते थे कि मरीन ड्राइव के आसपास तक एकजुट लोग सचिन की बल्लेबाजी देखने को आतुर थे, फिर भी उन्होंने पहले गेंदबाजी चुनी।
विज्ञापन


यह देखना अच्छा लगा कि वह जानते थे कि यह एक टेस्ट मैच है, जिसे वे जीतना चाहते हैं।

आखिर वो पल जल्द ही आ गया, जिसका सभी को इंतजार था। वेस्टइंडीज की टीम का पुलिंदा बंधने में देर नहीं लगी। स्पिनरों ने बेहतरीन काम किया। यहां तक कि आर. अश्विन 80 साल में सबसे जल्दी सौ विकेट लेने वाले भारतीय बन गए।

गेंदबाजों का प्रदर्शन ही था, जिसने चायकाल से पहले ही मेहमान टीम को समेट दिया। जवाब में भारतीय ओपनरों ने ठोस शुरुआत की।

सचिन ने जल्द संभाला मैदान
तेंदुलकर जल्द ही मैदान पर उतरे, मानो वह अपनी विदाई के जश्न में शामिल होने की जल्दी में हों। शुरुआती तीन चौकों ने उन पर से दबाव कम किया और इसके बाद सचिन ने यह सुनिश्चित कर दिया कि वानखेड़े स्टेडियम में बैठने की जगह नहीं है और यहां सिर्फ खड़ा ही हुआ जा सकता है।
विज्ञापन


सचिन के पैर बेहद हल्के महसूस हो रहे थे। बैकफुट पर उनके शॉट और फिर फ्रंट फुट पर आकर उनके ड्राइव देखते ही बनते थे। वह पूरी तरह तैयार होकर आए थे। बल्ले की ग्रिप तिरंगे से सराबोर थी और जब उन्होंने फील्डिंग की तो उन्हें वह विशेष टोपी पहनना भी याद रहा, जो उन्हें भारतीय कप्तान धोनी ने तोहफे में दी थी।

दबाव में नहीं आए तेंदुलकर
सचिन के कोच उन्हें बल्लेबाजी करते देख रहे थे, जबकि वह आजकल सार्वजनिक रूप से बेहद कम ही नजर आते हैं। आज वह व्हीलचेयर पर उस स्टेडियम पहुंचे जहां वह अपने सबसे पसंदीदा शिष्य को स्कूटर पर लाया करते थे।

इसके अलावा उनके परिवार के सदस्य, बचपन के दोस्त और सहयोगियों से स्टेडियम भरा हुआ था। मगर इस सब ने उन पर जरा सा भी असर नहीं किया।

भव्य विदाई की तैयारी
अब, जितना वह अधिक बल्लेबाजी करेंगे, उतना ही उनके दूसरी पारी में खेलने की उम्मीदें कम होती जाएंगी। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या वह इसी सकारात्मक रुख के साथ फिर बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे।

पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन है। गेंद उसी तरह बल्ले पर आ रही है, जैसी कि उन्हें पसंद है। पहले दिन के खेल के बाद कहा जा सकता है कि विंडीज की गेंदबाजी भी उतनी मजबूत नहीं है। वास्तव में एक बड़ी भव्य विदाई का मंच तैयार हो चुका है।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें