दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने गुरू पूर्णिमा के अवसर पर अपने बचपन के कोच रमाकांत आचरेकर को याद किया। सचिन ने कहा कि उस व्यक्ति को हमेशा एक और धन्यवाद कहना बाकी लगता है, जिन्होंने उन्हें एक क्रिकेटर और इंसान के तौर पर तराशने में अहम भूमिका निभाई थी। आचरेकर के जीवित रहते तेंदुलकर इस दिन हर साल उनके घर जाकर आशीर्वाद लेते थे। उन्होंने इस परंपरा को जारी रखते हुए सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर उन्हें श्रृद्धांजलि दी है।
गुरू आचरेकर को दिया धन्यवाद
उन्होंने एक्स पर लिखा, आज यहां खड़े होकर कुछ अहसास हुआ। चाहे कितने भी साल बीत जाएं, लेकिन मुझे हमेशा लगता है कि एक और धन्यवाद कहना बाकी रह गया। मुझ पर विश्वास करने, मेरा मार्गदर्शन करने और मुझे वह इंसान बनाने के लिये धन्यवाद जो आज मैं हूं। गुरू पूर्णिमा की शुभकामनाएं, आचरेकर सर।
भारतीय क्रिकेट के सबसे मशहूर कोच में से एक आचरेकर ने कम उम्र में ही तेंदुलकर की असाधारण प्रतिभा को पहचान लिया था और उन्हें निखारने में अहम भूमिका निभाई थी। तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने और 100 अंतरराष्ट्रीय शतक भी जड़े। सचिन का आचरेकर को याद किया गया पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
सचिन का करियर
1973 में मुंबई में जन्मे तेंदुलकर ने 1983 विश्व कप में भारत की जीत के बाद क्रिकेटर बनने और देश के लिए विश्व कप जीतने का सपना देखा था। 1989 में डेब्यू करने वाले सचिन का विश्व कप जीतने का सपना 2011 में उनके घरेलू मैदान, वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में पूरा हुआ था। 2013 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। बतौर क्रिकेटर सचिन के नाम सर्वाधिक मैच, रन और शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड है। सचिन ने 200 टेस्ट में 51 शतक लगाते हुए 15,921 रन और 463 वनडे में 49 शतक लगाते हुए 18,426 रन बनाए हैं। एक टी20 में उनके नाम 10 रन हैं।