भारत के पूर्व महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ IPL टीम मुंबई इंडियंस से जुड़ने के कारण हितों के टकराव मामले में को लेकर अगली सुनवाई 20 मई को होगी। सचिन तेंदुलकर ने मंगलवार को बीसीसीआई लोकपाल और पूर्व जस्टिस डीके जैन से दिल्ली में मुलाकात की।
इस मामले में तेंदुलकर के वकील अमित सिबल ने बताया, 'आज (14 मई) की सुनवाई में कोई फैसला नहीं हो सका। यह सुनवाई चार घंटे से अधिक चली और अभी तक कोई हल नहीं निकला है। यह 20 मई तक जारी रहेगी। अगली सुनवाई में सचिन तेंदुलकर को बीसीसीआई लोकपाल के सामने पेश होने की कोई जरूरत नहीं है।'
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य संजीव गुप्ता ने 17 अप्रैल को शिकायत दर्ज करते हुए बीसीसीआई के सभी नियमों के बारे में बताया था, जिसमें उन्होंने कहा था 'सचिन तेंदुलकर पर हितों के टकराव का नियम 38 (बी) है, जिसमें कोई भी व्यक्ति जो किसी फ्रेंचाइजी के शासन, प्रबंधन या रोजगार में है। वो एक वक्त में एक से ज्यादा पद नहीं रख सकता है। लक्ष्मण ने ब्जाय नियम(4) (बी) जिसमें सीएसी सदस्य, जो (जे) किसी फ्रेंचाइजी के शासन, (डी) में टीवी कमेंटेटर में हैं।'
गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर के साथ-साथ वीवीएस लक्ष्मण पर हितों के टकराव का मामला चल रहा है। दोनों ने हितों के टकराव मामले को खारिज किया और बीसीसीआई पर आरोप लगाया कि उन्होंने अब तक भूमिका नहीं बताई है। है।