मतदान करने के बाद सचिन तेंदुलकर ने कहा, 'मैं पिछले कुछ समय से ईसीआई (भारत चुनाव आयोग) का प्रतीक रहा हूं। मैं जो संदेश दे रहा हूं वह वोट देना है। यह हमारी जिम्मेदारी है। मैं सभी से आग्रह करता हूं घर से बाहर निकलो और वोट करो।'
इससे पहले सचिन के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी। सचिन ने एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें वह तीन बड़े पेड़ों के सामने बल्लेबाजी करते हुए दिख रहे हैं। तीनों पेड़ इस तरह से हैं कि वह विकेट जैसे दिख रहे हैं। इसके कैप्शन में सचिन ने अपने फैंस से पूछा कि किस अंपायर ने स्टंप को इतना बड़ा महसूस कराया? इस सवाल के जवाब में सोशल मीडिया पर फैंस ने कई जवाब दिए थे। कई लोगों ने अनुमान लगाया कि यह पोस्ट पूर्व अंपायर स्टीव बकनर पर कटाक्ष है। बकनर का 1990 और 2000 के दशक में सचिन तेंदुलकर के साथ अच्छे संबंध नहीं थे। फैंस का मानना है कि सचिन का पोस्ट बकनर द्वारा किए गए विवादास्पद निर्णयों के लिए एक स्पष्ट संकेत हैं। 2007/08 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी बकनर के कुछ फैसलों की खूब आलोचना हुई थी।
सचिन को ऑस्ट्रेलिया भेजने की सलाह
वहीं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और महिला टीम के पूर्व कोच वर्केरी वेंकट रमन (डब्ल्यूवी रमन) ने बीसीसीआई से भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए बतौर बल्लेबाजी सलाहकार ऑस्ट्रेलिया भेजने की सलाह दी है। रमन ने कहा कि भारत को तेंदुलकर की विशेषज्ञता का फायदा मिल सकता है और दूसरे टेस्ट से पहले पर्याप्त समय मिलने से उनकी भागीदारी प्रभावी हो सकती है।