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Sachin Birthday: कपड़ों पर इस्त्री करते थे सचिन, कमरे में चलता था संगीत; पूर्व भारतीय कोच अंशुमन ने बताई कहानी

Mon, 24 Apr 2023 09:23 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भारत के लिए 40 टेस्ट और 15 वनडे खेलने वाले गायकवाड़ ने कहा कि सचिन का संगीत और भोजन के प्रति प्रेम जगजाहिर है, लेकिन उनके व्यक्तित्व ने ड्रेसिंग रूम में खुशनुमा माहौल बनाने में मदद की। पूर्व सलामी बल्लेबाज गायकवाड़ ने कहा, 'वह ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।
 
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धोनी और सचिन तेंदुलकर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के पूर्व कोच अंशुमन गायकवाड़ ने 90 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के शीर्ष स्तर को बहुत करीब से देखा था। वह ऐसा दौर था जब सचिन ने अपनी बल्लेबाजी से बड़े से बड़े गेंदबाज को भी साधारण बना दिया था। सचिन सोमवार को 50 साल के हो गए।
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भारत के लिए 40 टेस्ट और 15 वनडे खेलने वाले गायकवाड़ ने कहा कि सचिन का संगीत और भोजन के प्रति प्रेम जगजाहिर है, लेकिन उनके व्यक्तित्व ने ड्रेसिंग रूम में खुशनुमा माहौल बनाने में मदद की। पूर्व सलामी बल्लेबाज गायकवाड़ ने कहा, 'वह ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।'

Former India coach Anshuman Gaekwad relives Sachin Tendulkar's 'peak'
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अंशुमन ने कहा, 'टीम के दौरों पर मुझे सचिन के बारे में यह पसंद था कि वह ऐसे व्यक्ति नहीं थे जो कमरे में बैठे रहें। वह टेनिस या कोई अन्य खेल खेलते थे और हमेशा वहां भी जीतना चाहते थे। उन्हें हारना पसंद नहीं है और यह उनके व्यक्तित्व का एक बड़ा हिस्सा है। जब वह कमरे में अकेले होते थे तो हमेशा संगीत चलाए रखते थे। वह हमेशा अपने कपड़ों पर इस्त्री करते थे। वह इस्त्री के लिए कपड़ों को बाहर नहीं भेजते थे। वह अपने क्रिकेट के उपकरणों के बारे में बहुत सावधान रहते थे। वह ऐसे खिलाड़ी थे जिसे हर कोई अपनी टीम में रखना पसंद करेंगे।'

रणजी मैच में हुई मुलाकात
सचिन जब मुंबई में स्कूल क्रिकेट खेलते थे तब गायकवाड़ की पहली मुलाकात उनसे हुई थी। गायकवाड़ ने कहा कि मेरे लिए खुशी की बात है कि हम दोनों साथ में रणजी में खेले। वह मेरे कॅरिअर का अंतिम वर्ष था। मुंबई के क्रिकेटरों में से किसी ने सचिन को मुझसे सलाह के लिए मिलवाया। मैं सचिन के साथ 40 से 45 मिनट तक साथ में बैठा था। वह पूरे समय ध्यान से सुनते रहे। सचिन ने रणजी में पदार्पण 15 साल और 232 दिन की उम्र में 1988-89 सत्र में किया था और इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी पदार्पण शृंखला में वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे दिग्गज गेंदबाजों का सामना किया।

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पुरस्कार लेने नहीं गए थे सचिन
गायकवाड़ ने सचिन के साथ ड्रेसिंग रूम की यादों को साझा किया। जब वह कोच थे तब उन्होंने सचिन के साथ 1998 और 2000 की बातें बताईं। पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में भारत तेंदुलकर के शतक के बावजूद हार गया था। गायकवाड़ ने कहा, 'पाकिस्तान से खेलना एक बड़ी बात है। सचिन टीम के अहम हिस्सा थे जो बिना किसी कारण के बाहर हो गए थे। मैंने उनसे बात की तो पता चला कि उनकी कमर में दिक्कत थी। मैंने उनसे कहा कि मुझे परवाह नहीं कि क्या हुआ। तुम बस स्लिप में खड़े रहो। हम यह मैच हार गए थे, लेकिन वह मैन ऑफ द मैच चुने गए। वह इस पुरस्कार को नहीं लेने गए थे। मुझे उनके लिए यह करना पड़ा। वह टीम मैन थे।'



शेन वॉर्न की टर्न गेंदों पर लगाई बाउंड्री
बल्लेबाज सकलैन के 'दूसरा' गेंद को समझ नहीं पा रहे थे, लेकिन सचिन ने इसे अच्छी तरह से समझ लिया था। पाकिस्तान के इस गेंदबाज ने कई मौकों पर इसे स्वीकार भी किया है। गायकवाड़ ने सचिन की 1998 में चेन्नई टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 155 रन की पारी को याद करते हुए कहा कि स्पिनरों की मददगार पिच पर शेन वॉर्न की गेंदें टर्न ले रही थीं, लेकिन सचिन का उनकी गेदों पर बाउंड्री लगाते हुए देखना सुखद था।
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