सचिन तेंदुलकर के जीवन में अपने पिता और मां के लिए क्या अहमियत है यह किसी से छुपा नहीं है। पिता रमेश तेंदुलकर की अकस्मात मृत्यु के दौरान वह इंग्लैंड में भारतीय टीम के साथ थे।
संस्कार और सभी रस्में निभाने के बाद वह वापस इंग्लैंड लौट गए और वहां जाते ही ब्रिस्टल में श्रीलंका के खिलाफ शतक ठोका। लेकिन सचिन की मां ने कभी क्रिकेट के मैदान में अपने बेटे को खेलते नहीं देखा।
इसके पीछे यही कारण बताया जाता है कि वह अपने बेटे को कभी विफल होते नहीं देखना चाहती थीं। उनकी यही इच्छा है कि वह सचिन को उनकी अंतिम पारी में खेलते देखें।
यही कारण है कि सचिन चाहते हैं कि वह अपना अंतिम टेस्ट मैच मुंबई में खेलें। जिससे उनकी मां और उनका परिवार उन्हें अंतिम बार क्रिकेट के मैदान पर खेलते हुए देख सके।
सौरव गांगुली ने भी इस बात का खुलासा किया है कि सचिन की मां उन्हें उनके अंतिम टेस्ट में खेलते हुए देखना चाहती हैं। माना जा रहा है कि सचिन की इस इच्छा को बीसीसीआई भी पूरा कर देगी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला अंतिम टेस्ट मैच मुंबई को सौंपा जा सकता है। यहां उनकी मां सचिन के कैरियर के दो सौवें टेस्ट में उन्हें पहली और आखिरी बार खेलते हुए देखेंगी।