दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का फाइनल मुकाबला लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 282 रन का लक्ष्य रखा है। यह मुकाबला काफी रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है क्योंकि आज सिर्फ तीसरा दिन और चौथी पारी का आगाज हो चुका है। एक वक्त ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 75 से कम के स्कोर पर सात विकेट गंवा दिए थे, लेकिन टीम ने वापसी की और 200 से ज्यादा का स्कोर खड़ा कर दिया।
स्टार्क ने किया प्रभावित
ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 73 के स्कोर पर सात विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मोर्चा एलेक्स कैरी और मिचेल स्टार्क ने संभाला। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 61 रन जोड़े। रबाडा ने कैरी को एलबीडब्ल्यू आउट कर आठवां झटका दिया। वह पांच चौकों की मदद से 43 रन बनाकर पवेलियन लौटे। वहीं, मिचेल स्टार्क क्रीज पर बने रहे। उन्होंने 136 गेंदों का सामना किया और 58 रनों की नाबाद पारी खेली। नाथन लियो दो और जोश हेजलवुड 17 रन बनाकर आउट हुए। इस तरह ऑस्ट्रेलिया 207 रन पर ऑलआउट हो गई और दक्षिण अफ्रीका के सामने 282 रनों का लक्ष्य रखा।
टेस्ट इतिहास में तीसरी बार हुआ ऐसा
टेस्ट इतिहास में ऐसा तीसरी बार हुआ है जब किसी टीम ने 75 से कम के स्कोर पर सात विकेट गंवाने के बाद 200 से ज्यादा का स्कोर तैयार किया है। 1967 में पाकिस्तान ने 53 के स्कोर पर सात विकेट गंवा दिए थे, लेकिन टीम ने वापसी की और 255 रन बनाए। इसके बाद 2022 में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में 67 के स्कोर पर सात विकेट खो दिए थे, लेकिन वापसी करते हुए 200 का स्कोर बनाया। अब ऐसा ही कारनामा ऑस्ट्रेलिया ने किया है। लॉर्ड्स में खेले जा रहे फाइनल मुकाबले में एक वक्त टीम का स्कोर 73/7 था, लेकिन टीम ने वापसी की और 207 रन बनाए।
75 से कम के स्कोर पर सात विकेट गंवाने के बाद 200 का आंकड़ा छूने वाली टीमें
| स्कोर |
अंतिम स्कोर |
टीम |
विपक्षी टीम |
जगह |
वर्ष |
| 53/7 |
255 |
पाकिस्तान |
इंग्लैंड |
द ओवल |
1967 |
| 67/7 |
200 |
इंग्लैंड |
वेस्टइंडीज |
क्वींस पार्क (ग्रेनेडा) |
2022 |
| 73/7 |
207 |
ऑस्ट्रेलिया |
दक्षिण अफ्रीका |
लॉर्ड्स |
2025 |
21वीं सदी में पहली बार हुआ ऐसा
इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने एक और कारनामा कर दिखाया है। यह सातवीं बार है जब ऑस्ट्रेलिया ने 75 से कम के स्कोर पर सात विकेट गंवाने के बाद 150 रन का आंकड़ा पार किया है। 21वीं सदी में ऐसा पहली बार हुआ है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी बार ऐसा किया है जबकि इंग्लैंड में खेले गए अब तक टेस्ट मैचों में ऐसा पांचवीं बार हुआ है।