ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में हार के बाद भारतीय क्रिकेट में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक सूत्र के मुताबिक, टीम इंडिया के सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे और अभिषेक नायर की भूमिका जांच के दायरे में। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) टीम प्रबंधन में स्पष्ट 'कोलकाता नाइट राइडर्स के प्रभाव' से खुश नहीं है।
डेशकाटे और नायर पर लटकी तलवार
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर अभिषेक नायर और नीदरलैंड के पूर्व स्टार रयान टेन डेशकाटे पिछले साल श्रीलंका के दौरे पर बतौर सहायक कोच टीम इंडिया से जुड़े थे। नायर और डेशकाटे आईपीएल की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में भी सहायक कोच थे और गंभीर के साथ काम किया था। गंभीर की देखरेख में कोलकाता स्थित फ्रेंचाइजी ने सनराइजर्स हैदराबाद को आठ विकेट से हराकर इंडियन प्रीमियर लीग का 2024 संस्करण जीता था। बीसीसीआई ने गुरुवार को इन दोनों सहायक कोचों पर दबाव बनाते हुए सितांषु कोटक को बल्लेबाजी कोच भी नियुक्त किया है। ऐसे में डेशकाटे और अभिषेक पर तलवार लटक रही है।
सख्य नियम लागू कर सकता है बीसीसीआई
ईएसपीएनक्रिकइन्फो की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई टीम इंडिया के दौरों के दौरान सख्त प्रोटोकॉल लागू करने की तैयारी में है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसीसीआई खिलाड़ियों के दौरे पर अपने परिवार के साथ समय बिताने को सीमित करेगा। खिलाड़ियों को अभ्यास और मैचों के दौरान आने-जाने के लिए मन मुताबिक साधन लेने से भी रोक दिया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, टीम घरेलू जमीन पर न्यूजीलैंड से 3-0 से टेस्ट सीरीज हार गई थी। भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ से भी बाहर हो चुका है।
रोहित और विराट की हो रही है आलोचना
कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को भी पिछली दो टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है। रोहित (पांच पारियों में 6.20 की औसत से 31 रन) और विराट कोहली (नौ पारियों में एक शतक के साथ 23.75 की औसत से 190 रन) ने मैदान पर ज्यादा समय नहीं बिताया। पूरी सीरीज के दौरान विराट ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर वह छेड़छाड़ करते रहे। स्कॉट बोलैंड ने उन्हें चार बार आउट किया।
टेस्ट का 2024-25 सीजन 'रो-को' (रोहित और कोहली) के लिए बेहद खराब रहा है। जहां रोहित ने आठ मैचों और 15 पारियों में 10.93 की औसत से सिर्फ 164 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 52 रहा। वहीं विराट ने 10 मैचों और 19 पारियों में 22.87 की औसत से सिर्फ एक शतक और पचास की मदद से 382 रन बनाए।