दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मैच में ऋतुराज गायकवाड़ ने शानदार बल्लेबाजी की और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक लगाया। उनकी इस पारी की बदौलत टीम इंडिया ने अच्छा स्कोर बनाया और सीरीज में पहली जीत हासिल कर शानदार वापसी की। अपनी इस पारी के बाद ऋतुराज ने बताया है कि टी20 सीरीज में 2-0 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने कैसे प्लानिंग की और तीसरा मैच जीता।
ऋतुराज गायकवाड़ ने आईपीएल 2021 में शानदार प्रदर्शन किया था और ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। हालांकि, भारत के लिए खेलते हुए उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है, लेकिन वो इस चीज की चिंता नहीं करते और अपने मेहनत पर यकीन करते हैं। 25 साल के ऋतुराज ने आईपीएल के 36 मैचों में 1207 रन बनाए हैं, जबकि भारत के लिए छह टी20 मैच में वो सिर्फ 120 रन बना पाए हैं। इसमें उनका एक अर्धशतक भी शामिल है, जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगाया।
आउट होना खेल का हिस्सा है
ऋतुराज ने अपने प्रदर्शन को लेकर बात करते हुए कहा कि आउट होना खेल का हिस्सा है और वो इसे लेकर चिंतित नहीं हैं। पिछले साल आईपीएल में उनका प्रदर्शन शानदार था। इस वजह से लोगों की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। आईपीएल 2022 की शुरुआत में ऋतुराज रनों के लिए जूझ रहे थे, लेकिन बाद में वापसी करते हुए उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की। इस सीजन उन्होंने 14 मैचों में तीन अर्धशतक की मदद से 368 रन बनाए।
ऋतुराज ने कहा "आईपीएल में पिच से गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल रही थी। कोई भी विकेट सपाट नहीं था, गेंदबाजों को स्विंग मिल रही थी, गेंद स्पिन हो रही थी और कई बार गेंद रुककर बल्ले में आ रही थी। इस वजह से शुरुआती तीन-चार मैचों में मैं कुछ अच्छी गेंदों पर आउट हुआ, कुछ शॉट सीधे फील्डर के हाथ में चले गए। यह टी20 क्रिकेट का हिस्सा है। आप कई बार खराब दौर से गुजरते हैं या कई दिन खराब होते हैं। ऐसे में आपको मानसिक रूप से स्थिर रहना होता है और उस प्रक्रिया पर यकीन करना होता है।"
अफ्रीका सीरीज में शानदार वापसी
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में ऋतुराज ने पहले मैच में 23 और दूसरे मैच में एक रन बनाया था। इसके बाद एक सलामी बल्लेबाज के रूप में उनकी क्षमता पर सवाल उठने लगे थे, लेकिन तीसरे मैच में उन्होंने 35 गेंद में 57 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल थे। इस पर ऋतुराज ने कहा कि शुरुआती दो मैचों में गेंदबाजों को विकेट से मदद मिल रही थी। पहले बल्लेबाजी करने पर गेंद रुककर बल्ले पर आ रही थी, लेकिन तीसरे मैच में विकेट अच्छा था। गेंद सही तरीके से बल्ले पर आ रही थी। इस वजह से उन्होंने अपना स्वाभाविक खेल खेला। उन्होंने अपने अंदर कुछ भी नहीं बदला, उनकी सोच, खेलने का तरीका सब कुछ पहले जैसा था।
क्या था भारत का प्लान?
ऋतुराज ने कहा कि गेंदबाजों से पीछे भागने से मतलब यह नहीं था कि हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाना है। वो सिर्फ गेंदबाजों पर दबाव बनाकर रखना चाहते थे। अगर गेंद आपके पाले में है तो आप बड़ा शॉट खेलेंगे, चाहे आप पहली गेंद खेल रहे हों या 30-40 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हों। उन्होंने कहा कि दूसरे और तीसरे टी20 के बीच में सिर्फ एक दिन का समय था। ऐसे में टीम सिर्फ अपनी गेंदबाजी को लेकर सतर्क रहना चाहती थी। बातचीत में उनसे सिर्फ यही कहा गया था कि सकारात्मक सोच के साथ खेलें। दोनों मैच में भारत अच्छा खेला था, लेकिन कुछ अहम मौकों पर अफ्रीका ने बेहतर खेल दिखाकर जीत हासिल की थी।
तीसरे टी20 मैच में भारतीय खिलाड़ी वही करना चाहते थे, जो उन्होंने शुरुआती दो मैचों में किया था और एक टीम के रूप में बेहतर करना चाहते थे। गेंदबाजी को लेकर टीम ज्यादा चौकन्नी थी और मैच के दौरान इसका फायदा भी मिला।