भारत के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रुद्र प्रताप (आरपी) सिंह और बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को वरिष्ठ राष्ट्रीय चयन समिति में शामिल किए जाने की तैयारी चल रही है। यह बदलाव मौजूदा पैनल से एस शरथ और सुब्रतो बनर्जी के बाहर होने के बाद किया जा रहा है। चयनकर्ताओं के पैनल की अगुआई अजीत अगरकर कर रहे हैं।
बीसीसीआई के सूत्रों के मुताबिक, क्रिकेट एडवाइजरी कमिटी इन दोनों नामों को बोर्ड की एजीएम से पहले मंजूरी दे सकती है। यह बदलाव टीम प्रबंधन और सीनियर सिलेक्शन स्ट्रक्चर में एक नया अध्याय होगा, जिसे एजीएम में अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही एस शरथ को जूनियर चयन समिति का चेयरमैन बनाया जाना तय माना जा रहा है।
आरपी सिंह- करियर और भूमिका
2007 के टी20 विश्व कप जीत के हीरो में से एक रहे आरपी सिंह ने टेस्ट में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वे सेंट्रल जोन से आ रहे हैं और ज्यादातर क्रिकेट उत्तर प्रदेश के लिए खेला है। वह उस गुजरात टीम का भी हिस्सा रहे, जिसने 2016-17 में रणजी ट्रॉफी जीता था। इस साल दिसंबर में वह 40 वर्ष के हो जाएंगे। आरपी ने भारत के लिए कुल 82 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 124 विकेट लिए। इनमें 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय शामिल हैं। वे सुब्रतो बनर्जी की जगह लेंगे।
प्रज्ञान ओझा- अनुभव और रिकॉर्ड
दक्षिण से आए प्रज्ञान ओझा को भी चयन में प्राथमिकता मानी जा रही है। ओझा टेस्ट स्पेशलिस्ट रहे हैं। उनके कुल 144 अंतरराष्ट्रीय विकेटों में 113 विकेट लाल गेंद के प्रारूप में आए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने अपने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच में 10 विकेट लिए थे, जो चर्चा में भी रहा। ओझा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच (टेस्ट), सचिन तेंदुलकर का भी आखिरी टेस्ट था। घरेलू स्तर पर ओझा ने हैदराबाद के लिए सर्वाधिक योगदान दिया है और उन्होंने बंगाल तथा बिहार के लिए भी खेला है। वह शरथ की जगह लेंगे।