भारत में होने वाले वनडे विश्व कप में अब दो महीने से भी कम समय बचा है। पांच अक्तूबर को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मैच से टूर्नामेंट का आगाज हो जाएगा, लेकिन मेजबान भारत अभी भी टीम संयोजन को लेकर उलझा हुआ है। 2019 विश्व कप की तरह प्लेइंग-11 में एक स्थान जो भारत को परेशान कर रहा है वह नंबर चार है। इसे लेकर कप्तान रोहित शर्मा भी चिंतित हैं। वह इस बात को लेकर परेशान हैं कि विश्व कप में चौथे स्थान पर कौन सा बल्लेबाज फिट बैठेगा।
भारतीय कप्तान रोहित भारत में स्पेन के फुटबॉल लीग 'ला लिगा' के ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने गुरुवार को 'ला लिगा' के एक कार्यक्रम में कहा कि युवराज सिंह के संन्यास लेने के बाद से कोई भी बल्लेबाज भारतीय वनडे टीम में चौथे स्थान पर जगह बनाने में सफल नहीं हुआ है। लंबे समय से चोटिल चल रहे युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने 20 मैचों में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की थी। इस दौरान 47.35 की औसत से उन्होंने 805 रन बनाए। अय्यर ने दो शतक और पांच अर्द्धशतक लगाए।
श्रेयस अय्यर
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रोहित ने क्या-क्या कहा?
रोहित ने कहा, ''देखिए नंबर चार हमारे लिए लंबे समय से एक मुद्दा रहा है। युवराज सिंह के बाद किसी ने आकर खुद को उस क्रम पर स्थापित नहीं किया है। हालांकि, लंबे समय से श्रेयस अय्यर ने इस नंबर पर बल्लेबाजी की है और उसने अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके रिकॉर्ड चौथे नंबर पर वास्तव में अच्छे हैं। दुर्भाग्य से चोटों ने उन्हें थोड़ी परेशानी दी है। वह कुछ समय से बाहर रहे हैं। ईमानदारी से कहें तो पिछले चार-पांच सालों में यही हुआ है। बहुत सारे खिलाड़ी चोटिल हुए हैं और आपने हमेशा नए खिलाड़ी को खेलते देखा है।''
भारतीय कप्तान ने कहा कि प्रमुख क्रमों के खिलाड़ियों की चोटों के प्रतिशत ने टीम को लंबे समय में प्रभावित किया है। रोहित ने कहा, "पिछले चार-पांच सालों में चोटों का प्रतिशत बहुत बड़ा है। जब खिलाड़ी घायल हो जाते हैं या उपलब्ध नहीं होते हैं, तो आप अलग-अलग खिलाड़ियों के साथ अलग-अलग चीजें करने की कोशिश करते हैं। नंबर चार को लेकर भी ऐसा ही है।''
केएल राहुल
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राहुल की फिटनेस पर सबकी नजर
अय्यर के अलावा केएल राहुल भी चोटिल हैं। हालांकि, उनके जल्दी फिट होने की संभावना है। भारतीय टीम प्रबंधन श्रीलंका में आगामी एशिया कप के दौरान केएल राहुल को पूरी तरह से फिट करने के लिए बेताब है, लेकिन कर्नाटक के इस सीनियर खिलाड़ी को अपने साथी बुमराह की तरह खुद को तैयार करना होगा। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीजद के दौरान प्रयोगों का अपना दौर पूरा करने के बाद टीम मैनेजमेंट अब ज्यादा प्रयोग नहीं करेगा। वह एशिया कप और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में 18-19 प्रमुख खिलाड़ियों को ही आजमाएगा।