भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने दावा करते हुए कहा है कि टीम फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के बारे में नहीं सोच रही है और तीसरा मैच जीतकर सीरीज को समाप्त करने पर ध्यान दे रही है। न्यूजीलैंड ने दूसरे टेस्ट में भारत को 113 रन से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। यह पिछले 12 वर्षों में पहला अवसर है जब भारत ने अपनी धरती पर टेस्ट सीरीज गंवाई है।
इस हार से भारत की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को भी झटका लगा है और रोहित इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं। हालांकि, रोहित का कहना है कि टीम का ध्यान सिर्फ फिलहाल मुंबई में होने वाले तीसरे टेस्ट मैच पर केंद्रित है। भारतीय कप्तान ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ हार टीम की असफलता है और वह इस बात को स्वीकार करते हैं कि टीम न्यूजीलैंड की चुनौती का सामना नहीं कर सकी।
रोहित ने मैच के बाद कहा, हमें वानखेडे में अच्छा प्रदर्शन करना होगा और उस टेस्ट मैच को जीतने की कोशिश करनी होगी। यह सामूहिक असफलता है। मैं उन लोगों में शामिल नहीं हूं जो बल्लेबाजों या गेंदबाजों पर दोष मढ़े। हमें वानखेडे में बेहतर इरादों और बेहतर रणनीति के साथ उतरना होगा। ‘मैं इसलिए आहत हूं क्योंकि हमें हार का सामना करना पड़ा। मैं अभी इस बारे में नहीं सोच सकता कि आगे क्या होने वाला है और क्या इससे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की हमारी संभावना प्रभावित हो सकती है। हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और हम सीरीज हार गए जो आहत करने वाला है। हमें एक इकाई के रूप में कुछ चीजों पर काम करने की जरूरत है।
'न्यूजीलैंड को श्रेय देना होगा'
रोहित ने स्वीकार किया कि वे ऐसे नतीजे की अपेक्षा नहीं कर रहे थे और न्यूजीलैंड ने भारत से अच्छा क्रिकेट खेला। उन्होंने कहा, यह निराशाजनक है। हमने ऐसी उम्मीद नहीं की थी। हमें न्यूजीलैंड को श्रेय देना होगा क्योंकि उन्होंने हमसे बेहतर प्रदर्शन किया। हम उनकी चुनौती का जवाब देने में विफल रहे। मुझे नहीं लगता कि बड़ा स्कोर बनाने के लिए हमने अच्छी बल्लेबाजी की। यह सही है कि मैच जीतने के लिए 20 विकेट लेना जरूरी है लेकिन बल्लेबाजों को भी अच्छा स्कोर बनाना होता है। हमने पहली पारी में उन्हें 259 रन पर रोक कर अच्छी वापसी की लेकिन हम जानते थे कि यह चुनौतीपूर्ण होने वाला है। यह ऐसी पिच नहीं थी जिस पर काफी कुछ घटित हो सके। अगर हम पहली पारी में उनके करीब पहुंच पाते तो चीजें थोड़ी अलग होती।