भारत सात जून से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा। यह मैच इंग्लैंड के ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारत दूसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेल रहा है। पिछली बार विराट कोहली की कप्तानी में भारत को न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा था। रोहित शर्मा बतौर कप्तान इस विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहली बार घर के बाहर टेस्ट मैच में कप्तानी करते नजर आएंगे।
भारत में रोहित शर्मा का प्रदर्शन शानदार रहा है चाहे वह टेस्ट मैच हो, वनडे या टी20 सीरीज, लेकिन भारत के बाहर भी रोहित ने अपनी कप्तानी का शानदार नमूना पेश किया है। साल 2018 से भारतीय टीम ने रोहित की कप्तानी में भारत से बाहर 39 मैच खेले हैं। जिसमें वनडे और टी20 शामिल हैं। भारत ने 39 मैच में से 26 मैच में जीत हासिल की है और 13 में हार का सामना करना पड़ा है। रोहित पहली बार घर से बाहर किसी टेस्ट मैच में कप्तानी कर रहे हैं। ऐसे में रोहित के लिए कंगारुओं के खिलाफ यह फाइनल और भी चुनौतीपूर्ण बन जाता है। पिच की कठिन परिस्थितियों के साथ-साथ रोहित के ऊपर उनके भारत के बाहर पहले टेस्ट में कप्तानी करने का दबाव भी होगा।
रोहित ने अभी तक भारत में ही टेस्ट मैच में कप्तानी की है और सफल भी साबित हुए हैं। भारत में रोहित के नेतृत्व में टीम ने छह टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से भारत चार मैच जीता है और एक-एक मैच में हार और ड्रा का सामना किया है। दिलचस्प बात यह है की एकमात्र मैच जो भारत हारा है और जो मैच ड्रा हुआ है वह भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही खेला गया था। रोहित की कप्तानी में छह में से चार मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए हैं। यह सभी मैच बोर्डर-गावास्कर ट्राफी में इसी साल 2023 में खेले गए थे।
बतौर कप्तान कैसा रहा रोहित का प्रदर्शन
रोहित शर्मा ने अब तक 83 मैच में भारतीय टीम की कप्तानी की है। इनमें से 62 मैच में भारत को जीत मिली है, जबकि 20 में हार का सामना करना पड़ा है। एक मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ है। साल 2017 में रोहित शर्मा पहली बार भारतीय टीम के कप्तान बने थे और श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इसके बाद रोहित की कप्तानी में भारत अगले 20 में से 18 मैच जीतने में सफल रहा। अब वह अपनी कप्तानी में भारत को पहली आईसीसी ट्रॉफी जिताना चाहेंगे।