भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत धोनी के नक्शे कदम पर आगे बढ़ रहे हैं। फील्ड पर अक्सर वो धोनी की तरह ही रन आउट करने की कोशिश करते हैं और विकेट के पीछे से गेम चलाने की कोशिश भी करते हैं। आईपीएल दिल्ली की कप्तानी करते हुए पंत इसमें बहुत हद तक सफल भी रहे हैं। अब उनके आंकड़े भी इस बात की गवाही देने लगे हैं। साल 2021 में पंत ने भारत के लिए एक हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। धोनी के बाद वो दूसरे भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज हैं, जिन्होंने यह कारनामा किया है। धोनी ने 11 बार एक साल में एक हजार से ज्यादा रन बनाए हैं, जबकि पंत ने पहली बार ऐसा किया है।
धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में साल 2005 से लेकर 2014 तक लगातार एक हजार से ज्यादा रन बनाए थे। इसके बाद 2017 में भी उन्होंने 11वीं बार यह कारनामा किया। इसके बाद 2021 में पंत यह काम कर पाए हैं।
धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान होने के अलावा सबसे सफल विकेटकीपर और मैच फिनिशर भी रहे हैं। पंत शुरुआत से ही उनकी तरह बनना चाहते थे। उन्हें कई सालों तक धोनी से सीखने का मौका भी मिला और कुछ मैचों में दोनों खिलाड़ी साथ में भी खेले। भारतीय टीम ने पंत पर काफी निवेश किया और उसका नतीजा अब भारत को मिलने लगा है।
टेस्ट में किया कमाल
पंत ने इस साल टेस्ट में भारत के लिए 706 रन बनाए हैं। उनका बैटिंग औसत 41.52 रहा है। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराया था। भारत के लिए यह ऐतिहासिक सीरीज जीत थी। वनडे में भी उन्होंने दो मैचों में 155 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 77.50 का रहा है। जबकि टी-20 में पंत ने 34.83 के औसत से 209 रन बनाए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में उन्होंने टीम इंडिया के लिए दोनों मैच खत्म किए हैं। कीपिंग के दौरान भी वो धोनी की तरह अपना प्रभाव छोड़ने की कोशिश करते हैं। अगर वो आने वाले समय में भी ऐसा कर पाते हैं तो भारत के लिए बहुत अच्छी चीज होगी।