टी20 में पंत कुछ खास फॉर्म में नहीं रहे हैं। ऐसे में ईशान किशन को मौका देना चयनकर्ताओं का फैसला सही है। पंत ने पिछले कुछ समय में टी20 में मिले मौके को ठीक तरीके से नहीं भुनाया। हालांकि, वह नियमित तौर पर टी20 में रहे भी नहीं। उन्हें बार-बार टीम में अंदर-बाहर किया जाता रहा।
पिछले साल (2021) टी20 वर्ल्ड कप के बाद से कई मैचों में उन पर दिनेश कार्तिक को तरजीह दी गई। 2021 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से पंत 28 टी20 मैचों में खेले और 22.05 की औसत और 131.02 के स्ट्राइक रेट से 397 रन बनाए। इसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिल है।
पंत इस दौरान भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में आठवें नंबर पर रहे। पंत का ओवरऑल टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड देखा जाए तो उन्होंने 66 मैचों में 22.43 की औसत और 126.54 के स्ट्राइक रेट से 987 रन बनाए हैं। वहीं, उनके नाम कुल तीन अर्धशतक हैं।
2021 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन
| खिलाड़ी |
मैच |
रन |
स्ट्राइक
रेट |
| सूर्यकुमार यादव |
34 |
1227 |
183.95 |
| रोहित शर्मा |
32 |
815 |
137.90 |
| विराट कोहली |
20 |
781 |
138.23 |
| हार्दिक पांड्या |
27 |
607 |
145.91 |
| केएल राहुल |
18 |
514 |
126.60 |
| ईशान किशन |
17 |
505 |
128.49 |
| श्रेयस अय्यर |
20 |
493 |
138.48 |
| ऋषभ पंत |
28 |
397 |
131.02 |
| दीपक हुड्डा |
15 |
302 |
150.24 |
| दिनेश कार्तिक |
28 |
287 |
141.37 |
| रवींद्र जडेजा |
9 |
201 |
141.54 |
| संजू सैमसन |
6 |
179 |
158.40 |
ईशान किशन ने 2021 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से पंत से कम टी20 खेले, लेकिन उनसे ज्यादा रन बनाए। ईशान ने इस दौरान 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 29.70 की औसत और 128.49 के स्ट्राइक रेट से 505 रन बनाए। इसमें तीन अर्धशतक शामिल है। वहीं, सैमसन ने सिर्फ छह मैच खेले और 44.75 की बेहतरीन औसत और 158.40 के शानदार स्ट्राइक रेट से 179 रन बनाए। इसमें एक अर्धशतक शामिल है।
यानी 2021 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से पंत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। कई पूर्व क्रिकेटर्स इस फॉर्मेट में या तो उन्हें ड्रॉप करने की मांग कर रहे थे, या फिर ओपनिंग कराने कह रहे थे। अब चयनकर्ताओं ने उन्हें टी20 टीम में शामिल ही नहीं किया है।
वहीं, वनडे में पंत का न होना चिंता का विषय जरूर है। इंग्लैंड दौरे पर पंत के शतक की वजह से ही टीम इंडिया ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। पंत ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप के बाद से 21 वनडे खेले हैं और 38.58 की औसत से 656 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल है। इस दौरान ईशान ने 10 मैचों में 53 की औसत से 477 रन और केएल राहुल ने 25 मैचों में 48 की औसत से 1056 रन बनाए हैं।
सिर्फ इस कैलेंडर ईयर यानी 2022 की बात करें तो पंत ने 12 मैचों में 37.33 की औसत से 336 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल है। इस मामले में पंत केएल राहुल से काफी आगे हैं, लेकिन ईशान किशन से पीछे हैं। राहुल ने 2022 में 10 वनडे मैचों में 27.88 की मामुली औसत से 251 रन बनाए हैं। इसमें सिर्फ दो अर्धशतक शामिल है। वहीं, ईशान ने 2022 में आठ वनडे मैचों में 59.57 की औसत से 417 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल है।
2019 वनडे वर्ल्ड कप के बाद से भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन
| खिलाड़ी |
मैच |
रन |
औसत |
100 |
50 |
| श्रेयस अय्यर |
17 |
724 |
55.69 |
1 |
6 |
| शिखर धवन |
22 |
688 |
34.40 |
0 |
6 |
| शुभमन गिल |
12 |
638 |
70.88 |
1 |
4 |
| ईशान किशन |
8 |
417 |
59.57 |
1 |
2 |
| ऋषभ पंत |
12 |
336 |
37.33 |
1 |
2 |
| विराट कोहली |
11 |
302 |
27.45 |
1 |
2 |
| संजू सैमसन |
10 |
284 |
71.00 |
0 |
2 |
| सूर्यकुमार यादव |
13 |
260 |
26.00 |
0 |
1 |
| केएल राहुल |
10 |
251 |
27.88 |
0 |
2 |
2022 में वनडे में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन
| खिलाड़ी |
मैच |
रन |
औसत |
| श्रेयस अय्यर |
33 |
1327 |
49.14 |
| शिखर धवन |
37 |
1313 |
41.03 |
| विराट कोहली |
29 |
1185 |
43.88 |
| केएल राहुल |
25 |
1056 |
48.00 |
| रोहित शर्मा |
20 |
796 |
46.82 |
| शुभमन गिल |
13 |
671 |
67.10 |
| ऋषभ पंत |
21 |
656 |
38.58 |
| ईशान किशन |
10 |
477 |
53.00 |
वनडे में पंत के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 30 मैचों में 34.6 की औसत से 865 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वनडे में उनके जैसे आक्रामक शैली के बल्लेबाज का न होना चिंता का विषय है।
पंत किसी भी मौके पर गियर बदलने में माहिर हैं और ऐसा ही इस साल इंग्लैंड के दौरे पर वनडे में उन्होंने किया था। राहुल पर पंत को तरजीह दी सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब यह देखने वाली बात होगी कि बीसीसीआई ने स्क्वॉड में शामिल नहीं करने का फैसला सोच समझकर लिया है, या फिर सिर्फ उन्हें आराम दिया गया है। पंत को भारतीय टीम की लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा माना जा रहा था। चयनकर्ताओं के इस फैसले से उनके फैंस को जरूर निराशा पहुंची होगी।