उत्तराखंड के डीजी अशोक कुमार ने बताया- पंत को गाड़ी चलाते वक्त झपकी आ गई थी। इसके बाद वह कार पर से नियंत्रण खो बैठे थे। हादसे के वक्त पंत कार में अकेले थे। पंत को सिर, पीठ और पैर में चोटें आई हैं। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि गाड़ी तेज स्पीड से पहले डिवाइडर के किनारे लगी और इसके बाद लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग से टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी रॉन्ग साइड में जा पहुंची। गाड़ी सड़क पर घसीटते हुए करीब 200 मीटर की दूरी पर जाकर थमी। इसके बाद उसमें आग लग गई। आग लगने से पहले खुद गाड़ी का शीशा तोड़कर बाहर निकल गए थे। गनीमत रही कि उनकी जान बच गई और सूझबूझ दिखाते हुए वह बाहर निकल गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंत को अस्पताल में भर्ती कराया।
तस्वीरों में देखें कितना भयानक था हादसा
कार में भीषण आग लग गई थी
हादसे के बाद कार में लग गई थी आग
कार के परखच्चे उड़ गए थे
घटनास्थल का मुआयना करती पुलिस
पंत को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया
पंत की जान को खतरा नहीं है
खुद गाड़ी चला रहे थे पंत
ऐसा कहा जा रहा है कि जहां एक्सीडेंट हुआ वहां ब्लैक स्पॉट है, वहां एक्सीडेंट होता रहता है