पंत को उस समय शतक तक पहुंचने के लिए 19 रन चाहिए थे जब जैक विल्डरमथ दूसरे दिन का आखिरी ओवर फेंक रहे थे। पंत ने चार चौके और एक छक्का लगाकर शतक पूरा किया और वह 73 गेंद में 103 रन बनाकर खेल रहे हैं, उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और छह छक्के लगाए। दूसरे दिन के आखिरी सत्र में पंत की आक्रामक बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलिया 'ए' के गेंदबाज दबाव में आ गए, इसके साथ ही पंत ने 17 दिसंबर से एडीलेड में शुरू हो रहे दिन रात के पहले टेस्ट में ऋधिमान साहा की जगह विकेटकीपर के स्थान के लिए अपना दावा पक्का कर लिया।
दूसरी ओर विहारी ने 194 गेंद में 104 रन की नाबाद पारी खेली। युवा बल्लेबाज शुभमन गिल ने 78 गेंद में दस चौकों की मदद से 65 रन बनाए। गिल ने दर्शनीय स्ट्रोक्स लगाकर सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए दावा पेश किया, वहीं विहारी के रूप में भारत अतिरिक्त बल्लेबाज को उतार सकता है। सुबह पृथ्वी शॉ दूसरे ही ओवर में आउट हो गए। शॉ का खराब प्रदर्शन लगातार जारी रहा और अगर यही स्थिति रही तो वह अपना स्थान गिल को गंवा सकते हैं। गिल बड़े दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हुए, उन्होंने लेग स्पिनर मिशेल स्वैप्सन को फ्लिक शॉट खेलने का प्रयास किया. लेकिन चूक गए।
गेंदबाज ने पगबाधा की अपील की जबकि गेंद पहली स्लिप में गई जहां सीन एबॉट ने डाइव लगाकर कैच लपका। टीवी रिप्ले से कुछ पता नहीं चला और अभ्यास मैच में डीआरएस या स्निकोमीटर भी नहीं था। ऐसे में गिल को पवेलियन लौटना पड़ा, इसके साथ ही गिल और मयंक अग्रवाल की दूसरे विकेट की 104 रन की साझेदारी का भी अंत हो गया। विहारी और अजिंक्य रहाणे ने 78 रन की साझेदारी की। बीच में बारिश के कारण कुछ देर खेल रूका। रहाणे (38) के आउट होने के बाद पंत मैदान पर आए और आते ही मनचाहे शॉट्स खेलना शुरू कर दिया, उन्होंने अपना अर्धशतक सिर्फ 43 गेंदों में पूरा किया। विहारी ने अपनी पारी में 13 चौके लगाए।