ब्राजील ओलंपिक समिति के अध्यक्ष कार्लोस अर्थर नुजमान को 30 साल 11 महीने तक कैद की सजा सुनाई गई है। उन्हें 2016 ओलंपिक के लिए वोट खरीदने का दोषी पाया गया। कार्लोस ने रियो डे जेनेरिया को ओलंपिक की मेजाबानी दिलाने के लिए वोट खरीदे थे। न्यायधीश मार्शेलो ब्रेटास का फैसला गुरुवार को सार्वजनिक हुआ। इसमें कार्लोस को भ्रष्टाचार, अपराधिश संगठन, पैसों के हेर फेर और टैक्स चोरी का आरोपी पाया गया। हालांकि उन्हें तब तक जेल की सजा नहीं होगी, जब तक उनकी सभी याचिकाओं पर सुनवाई नहीं हो जाती है। 79 साल के कार्लोस 2016 में रियो ओलंपिक का आयोजन करने वाले समिति के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने और उनके वकीलों ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है।
इस मामले में रियो के पूर्व गवर्नर सर्जियो कैबरल, बिजनेसमैन अर्थर और लिनार्डो ग्रीनर को भी जेल की सजा सुनाई गई है। ग्रीनर रियो 2016 समिति के संचालक भी थे। जांच में कहा गया है कि इन तीनों ने नुजमान के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष लैमिन डिऐक और उनके बेटे मसाटा को वोट के लिए रिश्वत दी थी। हालांकि मसाटा ने इससे पहले इन आरोपों को खारिज किया था।
डिऐक को पहले ही हो चुकी है सजा
अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष लैमिन डिऐक को चार साल की सजा हुई थी और बाद में इसमें दो साल की कटौती की गई। सितंबर 2020 में फ्रांस की एक कोर्ट ने पैसों के हेर फेर, भ्रष्टाचार और ड्रग्स के मामले में सुनवाई करते हुए सजा कम की थी। वहीं मसाटा को अबसेन्टिआ में पांच साल की सजा हुई थी और एक मिलियन यूरो (आठ करोड़ 45 लाख) का जुर्माना भी लगाया गया था।
2016 से जेल में हैं कैबरल
कैबरल इस मामले में 2016 से ही जेल में हैं। उन्होंने सुनवाई के दौरान कहा था कि उन्होंने लगभग 16 करोड़ 90 लाख रुपये देकर अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति में छह वोट खरीदे थे। इसी मीटिंग में रियो डे जेनेरियो को ओलंपिक की मेजबानी दी गई थी। 2003 से 2010 तक रियो में शासन करने वाले कैबरल ने बताया था कि उन्होंने बाद में तीन और वोट खरीदने के लिए मसाटा को लगभग तीन करोड़ 74 लाख रुपये दिए थे।