धीमी ओवर गति पर आईसीसी का सख्त नियम एक बार फिर चर्चा में है। एशेज सीरीज में इंग्लैंड की टीम चार मैच में और ऑस्ट्रेलिया की टीम एक मैच में तय समय पर पूरे ओवर नहीं कर पाई थी और दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया गया। पांच मैच की सीरीज में इंग्लैंड ने 19 और ऑस्ट्रेलिया ने 10 अंक धीमे ओवर रेट के चलते गंवा दिए। इस वजह से 2023-25 की अंक तालिका में वेस्टइंडीज की टीम तीसरे स्थान पर आ गई, जबकि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। वेस्टइंडीज की टीम दो मैच में एक ड्रॉ कराने में सफल रही है, जबकि एक हार गई। वहीं, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने पांच में से दो-दो मैच जीते और एक ड्रॉ कराया।
खेल के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड का प्रदर्शन वेस्टइंडीज से काफी बेहतर है, लेकिन धीमी ओवर गति के चलते लगे जुर्माने की वजह से ये दोनों टीमें अंक तालिका में वेस्टइंडीज से नीचे हैं। इसी नियम की वजह से 2021 में ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने से चूक गई थी। ऑस्ट्रेलिया की जगह न्यूजीलैंड को मौका मिला था और कीवी टीम भारत को हराकर चैंपियन भी बन गई थी। अगर ऑस्ट्रेलिया यह फाइनल खेलता तो इंग्लैंड की जमीन पर उसके चैंपियन बनने की संभावना काफी ज्यादा थी।
एशेज सीरीज में धीमी ओवर गति के नियम की वजह से दोनों टीमों को नुकसान हुआ है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने धीमी ओवर गति के नियम को लेकर अपने विचार रखे हैं।
पोंटिंग ने कहा, "मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि खेल में सारा समय कहां जा रहा है, यही एक चीज है जिसे मैं समझ नहीं पा रहा हूं। अब हर दिन अतिरिक्त आधा घंटा खेल होता है और फिर भी हम हर दिन छह या सात ओवर खो रहे हैं। मैं नहीं जानता, मुझे यह समझ नहीं आया। मुझे नहीं पता कि समय कहां जा रहा है। खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी होगी। मुझे लगता है कि अंपायर भी इसमें अधिक सक्रिय हो सकते हैं। मुझे लगता है कि अंपायरों को शुरुआत करने की जरूरत है कि खिलाड़ियों को जल्दी फील्ड में तैयार होने के लिए कहा जाए, उन्हें तैयार किया जाए, उन्हें व्यवस्थित किया जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि बल्लेबाज गेंद का सामना करने के लिए तैयार है, यह सुनिश्चित करें कि जब बल्लेबाज अपनी स्थिति में वापस आ जाए तो गेंदबाज अपने रन अप में हों। हमें इन खेलों में इतना समय बर्बाद न करने का एक तरीका ढूंढना होगा।"
पोंटिंग ने आगे कहा “मुझे पता है कि क्रिकेट अत्यधिक मनोरंजक रहा है। जहां तक क्रिकेट का सवाल है, भीड़ इस बात पर गुस्सा नहीं करेगी कि उन्होंने क्या देखा है, लेकिन जब आप एक दिन के खेल में जाते हैं और आपको 90 ओवर की उम्मीद होती है, लेकिन आप 80 ओवर देखते हैं, तो आपको थोड़े निराश होते हैं। मेरा मतलब है कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में, तीसरे दिन शाम के सत्र तक, खेल का एक पूरा सत्र बर्बाद हो चुका था। तीन दिनों में दो घंटे का खेल बर्बाद हो गया है और मुझे नहीं पता कि यह कहां जाता है और मुझे यकीन नहीं है कि सही सजा क्या है। मुझे यकीन है कि इन दोनों टीमों का डिफेंस इस बात पर निर्भर करेगा कि मैच कितने मनोरंजक रहे हैं। वे ऐसे ड्रॉ नहीं हैं जो खिंचे हों और हमने काफी समय गंवाया हो। मेरा मतलब है, हेडिंग्ले एक महान उदाहरण है, है ना? आप खेल का लगभग पूरा दिन खो देते हैं और खेल अभी भी चार दिनों में खत्म होता है।
पोंटिंग ने याद किया कि कैसे परिणामस्वरूप ऑस्ट्रेलिया 2019-21 संस्करण में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल खेलने से चूक गया था। ऑस्ट्रेलिया पर भारत के खिलाफ मेलबर्न में खेले गए टेस्ट मैच में चार अंक का जुर्माना लगाया गया, जिसके कारण वे फाइनल में जगह बनाने से चूक गए थे और न्यूजीलैंड ने फाइनल खेला था।
पोटिंग ने कहा “ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता कि इसका उत्तर क्या है, लेकिन अगर पिछली बार ऑस्ट्रेलिया जैसी कोई टीम कुछ ओवर इधर-उधर होने के कारण विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में खेलने से चूक जाती है तो यह काफी कठोर दंड है।”
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने आईसीसी समीक्षा में धीमी ओवर गति के मुद्दे पर अधिक सख्ती बरती। नासिर ने कहा, "मुझे लगता है कि दंड कठोर होना चाहिए। मुझे लगता है कि यह कुछ ऐसा है जो प्रशंसकों को परेशान करता है। टिकटें, खासकर इंग्लैंड में, बहुत महंगी हैं। तो आप पूरा दिन खेल देखना चाहते हैं। अब कुछ लोग तर्क देते हैं, ठीक है, आपको मनोरंजन तो मिल ही रहा है। लेकिन मुझे लगता है, अगर आप 90 ओवरों के लिए भुगतान करते हैं, तो आपको 90 ओवरों की उम्मीद करनी चाहिए। अगर आधे घंटे का आतिरिक्त खेल होने के बाद भी 85 ओवर ही होते हैं तो मुझे लगता है कि जुर्माना, और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंक में कटौती दोनों उचित हैं। इस नियम के चलते पहले ही एक टीम विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में जगह बनाने से रह गई थी। इसलिए मुझे लगता है आईसीसी को टीमों के खिलाफ सख्त बने रहना चाहिए।"
नासिर हुसैन ने आगे कहा कि तब तक लंच नहीं होना चाहिए, जब तक पूरे 30 ओवर का खेल न हो जाए। वहीं, चायकाल भी अगले 30 ओवर का खेल होने के बाद होना चाहिए।