शेष भारत की टीम 25वीं बार ईरानी कप पर कब्जा कर लिया है। उसने फाइनल में मध्य प्रदेश को 238 रन से हरा दिया। शेष भारत लगातार दूसरी बार चैंपियन बना है। इससे पहले वह 2019–20 सीजन में सौराष्ट्र को हराने में कामयाब रहा था। 2020–21 में कोरोना महामारी के कारण ईरानी कप का आयोजन नहीं हुआ था। मध्य प्रदेश के खिलाफ दोनों पारियों में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया।
मध्य प्रदेश को जीत के लिए अंतिम दिन 356 रन चाहिए थे और उसके हाथ में आठ विकेट थे, लेकिन मेजबान टीम सितारों से सजी शेष भारत के खिलाफ कोई करिश्मा नहीं दिखा पाई। उनकी टीम कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में महज 198 रन पर सिमट गई और 238 रन से मुकाबला हार गई। मुंबई के ओपनर यशस्वी जायसवाल ने पहली पारी में 213 और दूसरी पारी में 144 रन बनाए।
संघर्ष नहीं कर पाए मध्य प्रदेश के बल्लेबाज
मध्य प्रदेश की सारी उम्मीदें कप्तान हिमांशु मंत्री पर टिकी हुई थीं। वह 51 रन पर खेल रहे थे, लेकिन अंपायर रोहन पंडित ने आज सुबह उन्हें विकेट के पीछे कैच आउट करार दिया। हालांकि गेंद ने उनके बल्ले का किनारा नहीं लिया था। हर्ष गावली (48)) और अमन सोलंकी (31) ने कुछ संघर्ष किया। बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार ने 60 रन देकर तीन विकेट लिए। मुकेश कुमार, अतीत शेठ, पुलकित नारंग ने दो-दो विकेट लिए। नवदीप सैनी को एक विकेट मिला। अच्छी बात यह रही कि नवदीप सैनी ने पूरे मैच में रफ्तार के साथ 29 ओवर फेंके। उन्होंने दिखाया कि वह चोट से पूरी तरह उबर गए हैं।
यशस्वी बोले-300 रन बनाए होते तो अच्छा होता
ट्रॉफी लेने के बाद कप्तान मयंक अग्रवाल ने इसे यशस्वी जायसवाल को थमाया। यशस्वी ने मैच के बाद कहा कि अगर वह पहली पारी में नाबाद लौटे होते तो उन्होने 300 रन बनाए होते, यह अच्छा होता, लेकिन वह फिर खुश हैं। यशस्वी ने अपने जोड़ीदार और पहली पारी में 154 रन बनाने अभिमन्यु ईश्वरन की तारीफ की। उन्होंने कहा अभिमन्यु उनका लगातार मनोबल बढ़ाते रहे। उनके साथ बल्लेबाजी करना शानदार रहा।