गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने से एक कदम दूर है। आरसीबी का सामना क्वालिफायर-1 में गुजरात टाइटंस है जो अपने दूसरे खिताब के लिए उतरी है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला धर्मशाला में खेला जाएगा। जो भी टीम ये मैच जीतेगी वो फाइनल का टिकट का कटा लेगी, जबकि हारने वाली टीम को क्वालिफायर-2 के जरिये फाइनल में पहुंचने का दूसरा मौका मिलेगा।
आरसीबी का मजबूत पक्ष
- आरसीबी और गुजरात की टीमें आईपीएल 2026 की दो सबसे सफल टीमें रही।
- रजत पाटीदार की अगुआई में आरसीबी ने खिताब बचाने का अभियान आक्रामक तरीके से शुरू किया और उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी यूनिट पिछले सीजन की तरह ही दिख रही है।
- आरसीबी ने मौजूदा सीजन में लगातार 200 रनों का आंकड़ा पार किया और टीम को विराट कोहली के अनुभव तथा जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे तेज गेंदबाजों का फायदा मिल रहा है।
- आरसीबी ने ना सिर्फ अपने घरेलू मैदान, बल्कि विपक्षी टीम के मैदान पर भी जीत दर्ज की।
विपक्षी टीमों पर किस तरह हावी रही गुजरात
- गुजरात की टीम ने अपने शीर्ष क्रम और गेंदबाजी आक्रमण की मदद से प्लेऑफ में जगह पक्की की।
- कप्तान शुभमन गिस, साई सुदर्शन और विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर की तिकड़ी ने टीम को काफी सफलता दिलाई है।
- सीजन के दूसरे चरण में गुजरात की गेंदबाजी भी दमदार रही।
- मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और प्रसिद्ध कृष्णा ने लगातार नई गेंद से विपक्षी बल्लेबाजों पर शिकंजा कसा।
- वहीं, राशिद खान और आर साई किशोर जैसे स्पिनरों ने मध्य ओवरों में संतुलित गेंदबाजी की।
धर्मशाला में किसका पलड़ा भारी?
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए आरसीबी को धर्मशाला में मामूली बढ़त हासिल नजर आती है। भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड की अगुआई वाला उनका तेज आक्रमण नियंत्रण, स्विंग और सटीक हार्ड लेंथ पर आधारित है। धर्मशाला की परिस्थितियों में ये गुण हमेशा कारगर साबित हुए हैं। रोशनी में गेंद को स्विंग कराने और आखिरी ओवरों में गति में बदलाव करने वाले गेंदबाज यहां बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में भी असरदार रहे हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी ने 222 रन का विशाल लक्ष्य इसलिए बचा लिया क्योंकि उनके तेज गेंदबाज लगातार अंतराल पर विकेट चटकाते रहे।
दूसरी ओर गुजरात टाइटंस के पास अधिक रफ्तार वाला गेंदबाजी आक्रमण है, जिसे धर्मशाला की अतिरिक्त उछाल और खतरनाक बना सकती है। स्पिन गेंदबाजों की सीमित भूमिका उनकी रणनीति को प्रभावित कर सकती है। राशिद खान आमतौर पर प्रभावी रहते हैं, लेकिन यह पिच उनकी परीक्षा ले सकती है। हाल के मुकाबलों के आंकड़े बताते हैं कि यहां अधिकांश विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए हैं और निर्णायक चरणों में टीमों ने स्पिन का अपेक्षाकृत कम इस्तेमाल किया है।
दोनों टीम में बदलाव की कितनी संभावना
आरसीबी उन टीमों में है जिसने इस सीजन कम खिलाड़ियों का ही इस्तेमाल किया और अपनी कोर टीम पर भरोसा जताया। ये और भी कम होता अगर फिल सॉल्ट चोटिल ना हुए होते। क्वालिफायर-1 से पहले आरसीबी के लिए राहत की बात यह रही कि टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज सॉलट भारत वापस लौट आए हैं और प्लेऑफ मैच में खेलने के लिए तैयार हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आरसीबी जैकब डफी को एकादश में शामिल करने के लिए सुयश शर्मा को बाहर बैठा सकती है क्योंकि सुयश का मौजूदा सीजन में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। सबसे दिलचस्प तो ये देखना होगा कि अगर सॉल्ट वापसी करते हैं तो वेंकटेश को किस तरह एकादश में फिट किया जाता है। सॉल्ट की अनुपस्थिति में वेंकटेश ने कोहली के साथ पारी का आगाज किया था। इसमें कोई दोराय नहीं है कि अगर सॉल्ट फिट हुए तो इस मैच में वही ओपनिंग करने उतरेंगे।
आरसीबी की तरह गुजरात ने भी कम खिलाड़ी ही उतारे हैं। एक अतिरिक्त बल्लेबाज के लिए वह एक बार फिर निशांत सिद्धू को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। उनके लिए सबसे बड़ी चिंता ये है कि इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर किसे मौका दिया जाए। टीम के सामने चुनौती है कि तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को लिया जाए या अतिरिक्त स्पिनर के तौर पर साई किशोर और मानव सुथार में से किसी एक को उतारा जाए।
गुजरात बनाम आरसीबी
- फोटो : IPL
इस मैच के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11:
आरसीबी: विराट कोहली, फिल सॉल्ट/वेंकटेश अय्यर, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड, टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जोश हेजलवुड।
गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राहुल तेवतिया, निशांत सिद्धू, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज।