दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 विश्व कप के सुपर आठ मुकाबले में भारत की हार के बाद रविचंद्रन अश्विन ने टीम चयन पर सवाल खड़े किए हैं। अश्विन ने अक्षर पटेल के ऊपर वॉशिंगटन सुंदर को दी गई तरजीह पर नाराजगी जताई है। भारत ग्रुप चरण में अजेय रहते हुए सुपर आठ में पहुंचा था, लेकिन उसे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
अश्विन बोले- अक्षर के योगदान को नहीं भूलना चाहिए
अश्विन, अक्षर को नजरअंदाज करने के फैसले से नाखुश दिखे। अश्विन ने बताया कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो गलतियां की जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। अश्विन के अनुसार, अक्षर को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं करना और रिंकू सिंह को आठवें स्थान पर उतारना भारत को भारी पड़ा। अश्विन ने अपने यू-ट्यूब चैनल में कहा, मैं मानता हूं कि आईपीएल मैचअप जरूरी है, लेकिन आपको टीम बदलनी पड़ती है क्योंकि आपको 14 मैच खेलने होते हैं। हालांकि, आईसीसी इवेंट में आप टीम में जितना कम बदलाव करते हैं उतना ज्यादा अच्छा रहता है।
उन्होंने कहा, मैं 100 प्रतिशत सहमत हूं कि आपको बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वॉशिंगटन सुंदर का इस्तेमाल करना होता है और इसी कारण आप उन्हें टीम में रखना चाहते हैं। मैं इन सभी बातों से सहमत हूं। हालांकि, अक्षर पटेल टी20 क्रिकेट में आपके सबसे अहम खिलाड़ी रहे हैं। अक्षर ने जो टीम के लिए किया है उसको भूलना नहीं चाहिए।
फाइनल में किए प्रदर्शन का जिक्र किया
अश्विन ने अक्षर पटेल के टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किए गए दमदार प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, पिछले विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुश्किल हालात में अक्षर पटेल बल्लेबाजी करने आए थे। उन्होंने विराट कोहली के साथ साझेदारी करते हुए भारत को 170 रनों के पार पहुंचाया था। मैं मानता हूं कि कोहली का अनुभव मौजूद था, लेकिन अक्षर का योगदान भी अहम रहा था। अगर भारतीय टीम के पास कुछ विकेट हाथ में होते और बीच के ओवरों में स्थिरता होती, तो टीम लक्ष्य को चेज कर सकती थी।
अश्विन ने बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाए
अश्विन ने भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, रिंकू सिंह नंबर आठ पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। आपके पास आठ बल्लेबाज हैं और फिर भी रिंकू इस स्थान पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। रिंकू को आप इस स्थान पर बल्लेबाजी करने के लिए नहीं भेज सकते हैं। दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया को पाठ पढ़ाया है कि आप अधूरी तैयारी के साथ मैदान पर मत आइए।