टीम इंडिया के कोच के चयन के साथ लगता है कि विवाद खत्म हो गया है तो ऐसा नहीं है रवि शास्त्री ने कोच नहीं बनाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर और पिछले 2 साल तक टीम इंडिया के डायरेक्टर के रूप में काम करने वाले शास्त्री खुद को कोच के रूप में नहीं चुने जाने पर खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि उन्हें टीम का कोच नहीं बनाए जाने पर काफी निराशा हुई है।
उन्होंने यहां तक कहा कि क्रिकेट सलाहकार समिति के एक सदस्य सौरव गांगुली जिनका कोच चयन में अहम रोल था उनके इंटरव्यू के दौरान वह समिति की पूरी टीम के साथ मौजूद ही नहीं थे।
इंडियन एक्सप्रेस ने उनसे इंटरव्यू के दौरान गांगुली के साथ बातचीत को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, "अच्छा, वास्तव में वह वहां थे ही नहीं।" इंटरव्यू के दिन शास्त्री थाइलैंड में थे और स्काईपी के जरिए इंटरव्यू दे रहे थे। जबकि क्रिकेट समिति के सदस्य वीवीएस लक्ष्मण और चीफ कोऑर्डिनेटर संजय जगदाले मुंबई में थे।
समिति के एक अन्य सदस्य सचिन तेंदुलकर जो खुद लंदन में थे और स्काईपी के जरिए इंटरव्यू ले रहे थे। उस समय गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) की मीटिंग के कारण बाहर गए हुए थे।
उनकी बातचीत अन्य सदस्यों के साथ काफी शानदार रही। शास्त्री ने कहा, "मीटिंग बहुत शानदार रही थी। वीवीएस, सचिन और संजय की ओर से कुछ प्रश्न बेहद शानदार किए गए थे। मैंने अपनी योजनाओं के बारे में भी बता दिया। वे जानना चाहते थे कि मैं तीनों प्रारूपों में अपनी योजनाओं का समावेश किस तरह से कर पाऊंगा।"