पूर्व भारतीय हरफनमौला ने कहा, 'उसके साथ तकनीकी समस्या नहीं थी। यह उसके क्रीज पर खड़े होने के तरीके के कारण था। यह बड़ी बात नहीं थी। जब आप इतना क्रिकेट खेलते है तो यह आपके साथ भी हो सकता है। मुझे लगा कि इसे सुधारा जा सकता है।'
शास्त्री ने कहा, 'हमें यह तय करना था कि उन्हें पहले टेस्ट (इंग्लैंड के खिलाफ) में खिलाने का जोखिम लेकर अगले सात से आठ मैचों के लिए उन्हें सुधार करने का मौका दे। उन्हें सभी मैचों में खिलाने पर सुधार करने का मौका नहीं मिलता।'
कप्तान विराट कोहली के प्रशंसक माने जाने वाले शास्त्री ने एक बार फिर उनकी तारीफ की। उन्होंने कोहली की तुलना वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी सर विवियन रिचर्ड्स और पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान से की।
भारतीय कोच ने कहा, 'विराट उन महान खिलाड़ियों में शामिल है जो जवाब देना जानता है। वह हावी होकर खेलना चाहता है और काम को लेकर उसकी तरह प्रतिबद्ध दूसरा कोई खिलाड़ी नहीं है। मुझे लगता है भारत भाग्यशाली है कि उसके पास ऐसा कप्तान है। वह मुझे इस मामले में इमरान खान की याद दिलाता है।'