शास्त्री का भारतीय टीम के साथ यह चौथा कार्यकाल होगा। वह बांग्लादेश के 2007 के दौरे के समय कुछ समय के लिए कोच बने थे। इसके बाद वह 2014 से 2016 तक टीम निदेशक और 2017 से 2019 तक मुख्य कोच रहे। शास्त्री ने कोच पद की दौड़ में न्यू जीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन, ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी, भारतीय टीम के अपने साथी रॉबिन सिंह और लालचंद राजपूत को पीछे छोड़ा। वेस्ट इंडीज और अफगानिस्तान के पूर्व कोच फिल सिमन्स निजी कारणों से कोच पद की दौड़ से हट गए थे।
रॉबिन, राजपूत और हेसन साक्षात्कार देने के लिए पहुंचे थे जबकि मूडी ने ऑस्ट्रेलिया से स्काइप पर इंटरव्यू दिया। कपिल ने कहा, ‘सभी साक्षात्कार के बाद हमने जो नंबर दिये उस आधार पर नंबर तीन टॉम मूडी थे और न्यू जीलैंड का चतुर युवा लड़का माइक हेसन नंबर दो पर थे। यह काफी करीबी मुकाबला था।’
इसका मतलब है कि राजपूत और रॉबिन सिंह दौड़ काफी पीछे चले गए थे। उम्मीदवारों की मुख्य रूप से पांच मानकों पर परखा गया जिसमें कोचिंग पद्धति, अनुभव, उपलब्धियां, संवाद और आधुनिक उपकरणों का ज्ञान शामिल हैं। ‘बहुत अच्छा’ के लिए 20 अंक दिए गए जबकि ‘अच्छा’ के लिए 15 अंक मिले। औसत को दस और खराब को पांच अंक मिले।
सीएसी प्रमुख कपिल देव ने दिन भर चले साक्षात्कार के बाद पत्रकारों से कहा, ‘हमने सर्वसम्मति से रवि शास्त्री को भारतीय क्रिकेट टीम का (मुख्य) कोच नियुक्त करने का फैसला किया है जैसी कि आपको उम्मीद थी।’ तीन सदस्यीय सीएसी में पूर्व भारतीय कोच अंशुमन गायकवाड़ और पूर्व महिला कप्तान शांता रंगास्वामी भी शामिल थे।
कपिल ने कहा, ‘हम सभी ने अंक दिए और ईमानदारी से कहूं तो हमने आपस में यह चर्चा नहीं की कि किसने किसे कितने अंक दिए। जब हमने अंकों को जोड़ा तो यह काफी करीबी मुकाबला रहा। मैं आपको विस्तार से नहीं बताऊंगा कि कितने अंकों का अंतर रहा लेकिन यह काफी कम अंकों का अंतर था।’
भारत के पहले विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा कि शास्त्री के संवाद कौशल ने उनके चयन में अहम भूमिका निभाई। कपिल ने कहा, ‘वे सभी लाजवाब थे। कुछ अवसरों पर मुझे लगा कि शास्त्री संवाद कौशल में बेहतर है, बाकी सदस्यों की राय हो सकती है इसमें भिन्न हो लेकिन हमने इस पर चर्चा नहीं की। हमने प्रस्तुति सुनने के बाद सभी को अंक दिए। हम तीनों ने काफी कुछ सीखा। सभी ने अपनी प्रस्तुति के लिए कड़ी मेहनत की थी।’
कपिल ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि वह कोच पद की शर्तों और शास्त्री को मिलने वाले वेतन के बारे में नहीं जानते। उन्होंने कहा साथ ही साक्षात्कार पूर्व के प्रदर्शन पर नहीं बल्कि प्रस्तुति और भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने को लेकर उनकी सोच पर आधारित थे।
गायकवाड़ ने भी कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही। कपिल ने शास्त्री की प्रस्तुति के बारे में बताने से इनकार कर दिया जिन्होंने एंटीगा से विडियो कॉल के जरिए साक्षात्कार दिया। वह साक्षात्कार देने वाले अंतिम उम्मीदवार थे।
कपिल ने कहा, ‘यह गोपनीय है। उन्होंने पिछले दो साल में जो हासिल किया और वह कैसे भारतीय टीम को आगे ले जा सकते हैं, इस आधार पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने इस टीम को मजबूत बनाने के लिए बोर्ड से और समय मांगा।’
रवि शास्त्री का सफर
रवि शास्त्री 2017 में भारतीय टीम से मुख्य कोच के रूप में जुड़े थे। जुलाई 2017 से भारत ने 21 टेस्ट में से 13 में जीत दर्ज की। टी-20 मुकाबलों में तो प्रदर्शन और भी बेहतर रहा जहां भारत ने 36 में से 25 मैचों में जीत दर्ज की। एकदिवसीय में भी भारतीय टीम 60 में से 43 मुकाबले जीतकर हावी रही। शास्त्री की अगुआई में टीम इंडिया ने 70 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय मैचों में सफलता हासिल की है, इनमें दो एशिया कप खिताब, ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत जैसी उपलब्धियां भी शामिल हैं।