भारतीय टीम के हेड कोच रवि शास्त्री चाहते हैं कि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर राष्ट्रीय टीम के साथ सलाहकार के तौर पर जुड़े, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में हितों के टकराव का नियम लागू नहीं हो। शास्त्री ने मगलवार को बीसीसीआई की विशेष समिति के साथ बैठक में तेंदुलकर को बोर्ड में शामिल करने की इच्छा व्यक्त की। बीसीसीआई की विशेष समिति में कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, सीईओ राहुल जौहरी, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और सीओए की सदस्य डियाना एडुल्जी शामिल थे।
तेंदुलकर उस क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्य हैं, जिन्होंने शास्त्री को हेड कोच के पद पर नियुक्त किया। विशेष समिति के एक सदस्य ने अपना नाम नहीं बताने सार्वजानिक नहीं करने की सलाह पर पीटीआई से कहा, 'रवि शास्त्री ने बहुत कम समय के लिए सचिन तेंदुलकर को बतौर सलाहकार बोर्ड में शामिल करने का आईडिया सुझाया। मगर समिति ने उन्हें हितों के टकराव नियम का ध्यान दिलाया।
अगर तेंदुलकर इस भूमिका को अपनाने के लिए अपनी सहमती देते हैं, तो उन्हें आईपीएल समेत अन्य प्रतिबद्धताओं को छोड़ना पड़ेगा। समिति के सदस्य ने कहा, 'किसी व्यक्ति से बहुत कम समय के लिए जुड़ने की बात करना और इसकी वजह से उनके अन्य पेशेवर प्रतिबद्धताओं को छुड़वाना बहुत अलग बात हो सकती है।'
जहीर खान के साथ भी ऐसा ही मामला है, जो टीम के साथ 150 दिन का कार्यकाल निभाना चाहते हैं और आईपीएल में शामिल भी रहना चाहते हैं। सदस्य ने कहा, 'मुझे संदेह है कि साल के 25 दिन काम करने के लिए आप अपने सभी अन्य प्रतिबद्धताएं छोड़ना पसंद करेंगे।'
जहां शास्त्री के सपोर्ट स्टाफ की मंगलवार को घोषणा हुई, वहीं जहीर और द्रविड़ के सलाहकार होने की भूमिका पर स्पष्टीकरण नहीं आया है। द्रविड़ फ़िलहाल भारतीय जूनियर टीमों के कोच की भूमिका निभा रहे हैं। भरत अरुण की बतौर गेंदबाजी कोच राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है और हितों के टकराव के मामले के कारण उनका आईपीएल की आरसीबी व टीएनपीएल फ्रैंचाइज़ी से नाता टूट गया है। इसके अलावा संजय बांगर और आर श्रीधर का कार्यकाल 2019 विश्व कप तक के लिए बढ़ा दिया गया है।