भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिसबेन टेस्ट में फॉलोऑन बचने के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूप में जश्न का समर्थन किया है। शास्त्री ने इसे उचित कदम बताया है और उनका कहना है कि तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन जिस तरह भारत ने वापसी की वो मौजूदा सीरीज में एक अहम पल था। पूर्व भारतीय कोच ने टीम के लचीलेपन की सराहना की और जसप्रीत बुमराह तथा आकाश दीप के प्रयास को सराहा।
रवि शास्त्री ने इस बात पर जोर दिया कि मैच और सीरीज के संदर्भ को देखते हुए भारत के फॉलोऑन से बचने में कामयाब होने के बाद मनाया गया जश्न पूरी तरह से उचित था। शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू कार्यक्रम में कहा, आपको जश्न मनाना ही था। 35-36 रनों की जरूरत थी और इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। वो जश्न बताता है कि ड्रेसिंग रूम में लोग इस प्रयास के महत्व को समझ रहे थे।
शास्त्री का कहना है कि फॉलोऑन से बचना सिर्फ मैच बचाना ही नहीं था, इसने अगले टेस्ट मैच के लिए टोन सेट कर दिया। उन्होंने बताया कि भारत के लिए 200 रनों से ज्यादा पीछे रहकर दूसरी पारी में खेलना आसान नहीं होता।
आकाश-बुमराह ने दिखाया था दम
भारत ने 213 रन के स्कोर पर नौवां विकेट रवींद्र जडेजा के रूप में गंवा दिया था जो अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। उस वक्त लगा कि टीम फॉलोऑन नहीं बचा पाएगी क्योंकि कंगारू टीम को सिर्फ एक ही विकेट लेने थे। जब जडेजा आउट हुए उस वक्त भारत को फॉलोऑन बचाने के लिए 33 रनों की जरूरत थी और क्रीज पर आकाश दीप तथा बुमराह मौजूद थे जिन्हें ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना था। आकाश और बुमराह ने हालांकि बहादुरी दिखाई और 10वें विकेट के लिए अच्छी साझेदारी कर टीम को फॉलोऑन की शर्मिंदगी से बचा लिया।
फॉलोऑन बचते ही झूम उठा था भारतीय ड्रेसिंग रूम
भारतीय ड्रेसिंग रूम में उस वक्त माहौल जश्न भरा हो गया था जब आकाश दीप ने चौका लगाकर फॉलोऑन बचाया। ड्रेसिंग रूम में मौजूद कप्तान रोहित शर्मा, स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर जोश में अपनी कुर्सी से कूद पड़े। तीनों ने एकदूसरे को हाई फाइव दिया। इन तीनों का रिएक्शन ऐसा था मानो भारत ने मैच जीत लिया हो। जब आकाश और बुमराह वापस ड्रेसिंग रूम लौट रहे थे तो तीनों ने स्टैडिंग ओवेशन दिया। साथ ही फैंस ने भी दोनों को स्टैंडिंग ओवेशन दिया था।