आर्यन जुयाल (109) के प्रथम श्रेणी के अपने दूसरे ही मैच बनाए शतक की बदौलत उत्तर प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी ग्रुप बी मैच के पहले दिन कर्नाटक के खिलाफ पांच विकेट पर 232 रन बनाए। उत्तर प्रदेश के कप्तान अंकित राजपूत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत ज्यादा बेहतर नहीं हुई थी। मेहमान टीम ने 106 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। अलमस शौकत (22), माधव कौशिक (15) और अक्शदीप नाथ (09) बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। आर्यन ने मोहम्मद सैफ (नाबाद 56) के साथ चौथे विकेट पर 109 रन की साझेदारी की। अभिमन्यु मिथुन (3/45) ने आर्यन को देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। उन्होंने 251 गेंद की अपनी पारी में 11 चौके मारे। खेल समाप्ति पर सैफ के साथ सौरभ कुमार 12 रन बनाकर खेल रहे थे।
अंकित कौशिक (106*) के नाबाद शतक की मदद से चंडीगढ़ ने बिहार के खिलाफ प्लेट ग्रुप मैच में शुरुआती झटकों से उबरकर पांच विकेट पर 274 रन बनाए। कौशिक ने बिपुल शर्मा (नाबाद 63) के साथ छठे विकेट के लिए अब तक 156 रन जोड़े हैं। इन दोनों ने तब जिम्मेदारी संभाली जबकि पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाले चंडीगढ़ ने अर्सलान खान (51) और मनन वोहरा (41) की पारियों के बावजूद 118 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। बिहार के लिए आशुतोष अमन ने 57 रन देकर चार विकेट लिए हैं।
छत्तीसगढ के गेंदबाजों पुनीत दाते (3/45) और अजय मंडल (3/17) ने उत्तराखंड की पारी को 120 रन पर समेट दिया। जवाब में मेजबान टीम ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 109 रन बना लिए। उत्तराखंड का टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला गलत रहा। दिक्षांशु नेगी (29) और सौरभ रावत (22) के अलावा कोई भी 20 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सका।
तेज गेंदबाज हर्षल पटेल (7/29) के दम पर हरियाणा ने त्रिपुरा की पहली पारी में महज 63 रन पर समेट दी। दिन का खेल खत्म होने तक हरियाणा ने दो विकेट पर 131 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। हरियाणा की कुल बढ़त 68 रन की हो गई है और उसके आठ विकेट शेष हैं। स्टंप्स के समय सीके बिश्नोई 63 और एसआर चौहाण 39 रन पर नाबाद थे। तेज गेंदबाजों को मदद वाली पिच पर हरियाणा ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया जिसे हर्षल और आशीष हुड्डा (3/14) ने पूरी तरह से सही सबित किया। त्रिपुरा के नौ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। तन्मय मिश्रा ने सबसे ज्यादा 29 रन का योगदान दिया जबकि एमबी मुरासिंह ने 12 रन का योगदान दिया।
मेजबान महाराष्ट्र ने पहले ही दिन जम्मू-कश्मीर की पारी को 209 रन पर समेट दिया। जम्मू-कश्मीर के लिए सलामी बल्लेबाज अहमद बंदे ने सबसे ज्यादा 76 जबकि नौवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे आबिद मुश्ताक ने 50 रन बनाए। महाराष्ट्र के लिए अनुपम संकलेचा ने चार जबकि मुकेश चौधरी, डीआर देशमुख और एसएस बाचव ने दो-दो विकेट लिए। जम्मू-कश्मीर ने दिन का खेल खत्म होने से पहले महाराष्ट्र तीन विकेट पर 51 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी। मुर्तजा तरुंकवाला 31 रन पर नाबाद थे।
रेलवे की टीम ओपनर प्रथम सिंह (98) और कप्तान कर्ण शर्मा (52) की उम्दा पारियों के बावजूद सौराष्ट्र के खिलाफ 202 रन पर नौ विकेट गंवाने के बाद संकट में थी। सौराष्ट्र की ओर से जयदेव उनादकट ने 34 रन देकर चार विकेट चटकाए। प्रेरक मांकड़ और चिराग जानी ने दो-दो विकेट हासिल किए।