हालांकि, तीसरे दिन सी. शम्सुददीन की जगह यशवंत बारडे को फिल्ड अंपायर के तौर पर शामिल किया गया। बता दें कि जयदेव उनादकट की कप्तानी वाली सौराष्ट्र की टीम की निगाहें बंगाल के खिलाफ घरेलू मैदान पर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास रचने पर होगी।
हालांकि आत्मविश्वास से भरे बंगाल को हराना इतना आसान नहीं होगा। सौराष्ट्र की टीम आठ सत्र में चौथे फाइनल में तो बंगाल की टीम 14वां खिताबी मुकाबला खेलेगी। उसका लक्ष्य तीस (1989-90) साल बाद एक बार फिर से चैंपियन बनने का होगा।