दिल्ली नए रणजी सीजन में नए कप्तान इशांत शर्मा की अगुवाई में असम के खिलाफ ग्रुप ए के चार दिवसीय क्रिकेट मैच में जीत के बहुत करीब पहुंच कर भी उससे महरूम रह गई। दिल्ली को ड्रॉ रहे इस मैच में पहली पारी की 177 रन की बढ़त आधार पर तीन अंक मिले और असम को महज एक अंक मिला। असम के लिए यह नतीजा बहुत संतोषजनक रहा जबकि मेजबान दिल्ली के आया पास बोनस अंक के साथ जीत हासिल कर सात अंक हासिल करने का मौका फिसल गया।
दिल्ली को अपने क्षेत्ररक्षकों के कैच टपकाने का खामियाजा भुगतना पड़ा। दिल्ली से पहली पारी में 177 रन से पिछड़ने के बाद शीर्ष क्रम के बल्लेबाज शिवशंकर रॉय (87 रन, 222गेंद, 10 चौके) और आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट होने से पहले मध्यक्रम के विकेटकीपर बल्लेबाज वसीकुर रहमान (63 रन, 168 गेंद, 11 चौके) ने दो जीवनदानों का लाभ उठाकर असम को दूसरी पारी में 255 रन तक पहुंचाया। दिल्ली के कामचलाउ गेंदबाज मिलिंद कुमार ने रहमान को एलबीडब्ल्यू आउट कर असम की दूसरी पारी समेटी। वसीकुर जब बल्लेबाजी के लिए उतरे ही थे तो दिल्ली के नवदीप सैनी उन्हें अपनी ही गेंद पर लपकने से नहीं चूके होती तो इस मैच की कहानी संभवत: कुछ और होती।
मैन आफ द’ मैच अनुभवी दिल्ली के ओपनर गौतम गंभीर कर उंगली में चोट के कारण असम की दूसरी पारी में फील्डिंग नहीं की। इस कारण गंभीर दूसरी पारी में दिल्ली की पारी शुरू नहीं कर सकते थे। दिल्ली को जीत के लिए दूसरी पारी में 14 ओवर में 79 रन बनाने का लक्ष्य मिला लेकिन सोमवार को अंतिम दिन जब मेजबान टीम ने आठ ओवर में दो विकेट पर 49 रन बनाए थे तब अंपायरों ने कमी होती रोशनी में खेल को समाप्त करने का फैसला कर मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया। तब दिल्ली जीत से 30 रन थी और छह ओवर और दूसरी पारी में उसके आठ विकेट बाकी थे।
एक जीवनदान मिलने के बावजूद दिल्ली के ओपनर उन्मुक्त दूसरी पारी में 22 गेंद खेल कर तीन चौकों की मदद से25 और मिलिंद कुमार छह रन बनाकर नॉटआउट रहे। उन्मुक्त के असम के तेज गेंदबाज कृष्ण दास ने ऑफ स्टंप के बाहर बराबर छकाया। दरअसल इस मैच में खेल निर्धारित समय से करीब एक घंटे से ज्यादा तक बढ़ाया गया। 50 ओवर से कम का खेल बाकी रहने पर अंपायर अपने विवेक से कम होती रोशनी में जिस ओवर में चाहे खेल बंद कर सकते हैं। दिल्ली के खिलाफ असम ने मैदान पर वक्त बर्बाद करने का कोई मौका नहीं गंवाया। मैच के बाद असम की इस रणनीति के चलते दिल्ली के खिलाड़ियों के बीच कुछ तनातनी का माहौल बन गया था लेकिन मैच रेफरी सुशील चतुर्वेदी ने सूझबूझ से इसे शांत करा दिया।
चोट के कारण असम की दूसरी पारी में फील्डिंग नहीं करने के चलते गौतम गंभीर का उन्मुक्त चंद केसाथ दिल्ली की दूसरी पारी का आगाज न करना मेजबान टीम को खूब अखरा। इस कारण उन्मुक्त के साथ दिल्ली की दूसरी पारी रणजी करियर का आगाज करने वाले बाएं हाथ के अनुज रावत ने अपनी शुरू की। असम के अनुभवी तेज गेंदबाज कृष्ण दास ने ऑफ साइड पर फील्डिंग जमा कर अपने तीसरे ओवर की पहली गेंद पर अनुज (13 रन, 18 गेंद, एक चौका) को बोल्ड किया और नीतिश राणा (4) को ऋषभ दास के हाथों कैच करा पविलियन लौटाया और दिल्ली ने दूसरी पारी में दो विकेट 27 रन पर गंवा दिए थे। इससे पहले असम की पहली पारी के 258 रन के जवाब में दिल्ली ने अपनी पहली पारी में 435 रन बनाए थे।
कैच छोड़ने का खामियाजा हमें भुगतना पड़ाः मनन शर्मा
‘हमें इस मैच में मौके चूकने महंगे पड़े। जब हमने दूसरी पारी की तो असम के खिलाड़ियों ने खूब वक्त बर्बाद किया। हमे इस बात का मलाल रह गया कि हमारे पास जीत हासिल कर बोनस अंक सहित सात अंक पाने का सुनहरा मौका फिसल गया। हमें महज तीन अंकों से संतोष करना पड़ा। हमारे लिए अच्छी बात यह रही कि हमने असम को इस मैच में दोनों पारियों में ढाई सौ रन के कुछ ही ज्यादा पर रोका। हमें इस तरह के मौकों के भुनाना सीखना होगा। हम दो साल पहले इस तरह के मौके गंवाने का खामियाजा भुगत चुके हैं।