रणजी ट्रॉफी के छठे दौर में बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन गुरुवार को एक बेहद अजीब और दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हो गए। सर्विसेज के खिलाफ मुकाबले में वह 81 रन बनाकर शानदार फॉर्म में थे और उनका 28वां प्रथम श्रेणी शतक लगभग तय लग रहा था, लेकिन एक पल की गलतफहमी ने उनकी पारी का अंत कर दिया।
ईश्वरन के साथ क्या हुआ?
यह घटना 41वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुई। सर्विसेज के गेंदबाज आदित्य कुमार की फुल-लेंथ गेंद को बंगाल के बल्लेबाज सुदीप चटर्जी ने सीधे गेंदबाज की ओर खेला। ईश्वरन को लगा कि ओवर समाप्त हो चुका है और ड्रिंक्स ब्रेक लिया जाएगा। इसी सोच के साथ वह क्रीज छोड़कर आगे बढ़ गए, न तो रन चुराने का इरादा था और न ही किसी तरह का फायदा लेने की कोशिश। लेकिन तभी गेंद आदित्य कुमार की उंगलियों को छूते हुए सीधे स्टंप्स से जा टकराई। उस समय ईश्वरन क्रीज के बाहर थे। सर्विसेज टीम ने अपील की, जिसके बाद ऑन-फील्ड अंपायरों ने मामला तीसरे अंपायर के पास भेजा। जांच के बाद तीसरे अंपायर ने ईश्वरन को रन आउट करार दिया।
खुद स्वीकारी गलती
दिन का खेल समाप्त होने के बाद ईश्वरन ने खुद अपनी गलती स्वीकार की और खेल भावना के नाम पर विपक्ष द्वारा अपील वापस लेने की किसी भी उम्मीद को खारिज कर दिया। ईश्वरन ने कहा, 'मेरी पारी बहुत अच्छी चल रही थी, लेकिन मैंने जो गलती की, उसने मुझे भी चौंका दिया। कुछ लोगों को लग सकता है कि विपक्ष को खेल भावना दिखाते हुए मुझे वापस बुला लेना चाहिए था, लेकिन इसमें कोई सवाल ही नहीं उठता। यह पूरी तरह मेरी गलती थी। मुझे लगा कि गेंदबाज़ ने गेंद पकड़ ली है और मैं अनजाने में आगे बढ़ गया।'
बंगाल के कोच ने क्या कहा?
बंगाल के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने भी इसी तरह की राय रखी। जब उनसे इस घटना की तुलना 2011 के ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में इयान बेल रन आउट विवाद से की गई, तो उन्होंने कहा, 'देखने में दोनों घटनाएं भले ही मिलती-जुलती लगें, लेकिन इनकी सीधी तुलना नहीं की जा सकती। वह अलग दौर और अलग परिस्थितियां थीं। यह सिर्फ बल्लेबाज़ की एक गलती थी। इसका मतलब यह नहीं कि उसमें मैच अवेयरनेस की कमी है। वह एक सीनियर खिलाड़ी है, लेकिन क्रिकेट में कभी-कभी ऐसे अप्रत्याशित पल आ जाते हैं। विपक्ष चाहे तो उसे वापस बुलाने पर विचार कर सकता था, लेकिन उनके फैसले में भी कुछ गलत नहीं था। सब कुछ क्रिकेट के नियमों के तहत हुआ।'